शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए शिक्षा विभाग की पहल:शिक्षा की क्वालिटी सुधारने को 8वीं तक का रीडिंग कैंपेन शुरू

धौलपुर10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

जिले में प्रारंभिक शिक्षा की सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सुधार के उद्देश्य को लेकर शुरू किया गया रीडिंग कैंपेन अभियान अब कक्षा 3 से 5 तक की बजाए पूरे शिक्षा सत्र में पहली से आठवीं में भी जारी रहेगा। अभियान के तहत प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। रिपोर्ट में सुधार नहीं होने पर संबंधित शिक्षक व प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद के निर्देशों के अनुसार शिक्षक पहली से आठवीं तक के बच्चों के साथ शिक्षण कार्य योजना बनाएंगे।

कैंपेन के दौरान सभी विषयों के साथ हिंदी,अंग्रेजी पढ़ना-लिखना व गणित दक्षता में सुधार पर विशेष जोर दिया जाएगा। स्कूलों के संस्था प्रधान शिक्षकों की ओर से बनाई गई कार्ययोजना का अवलोकन करेंगे तथा शिक्षकों की ओर से भरे गए प्रपत्र अ व स्वयं की ओर से भरे गए प्रपत्र ब को प्रतिमाह नोडल को जमा करवाएंगे। गौरतलब है कि गत शिक्षा सत्र में रीडिंग कैंपेन के विभिन्न स्तरों से मिले फीडबैक व बच्चों के शैक्षणिक स्तर के आंकड़ों तथा तीनों चरणों में किए गए आंकलन के विश्लेषण में बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार मिलने पर परिषद की ओर से नए शिक्षा सत्र की कार्य योजना में रीडिंग कैंपेन को निरंतर क्रियान्वित करने का निर्णय लिया गया है।

अभियान से बच्चों की विश्लेषण और लेखन में बढ़ेगी रुचि
पठन अभियान से शब्द कोष, तार्किकता, रचनात्मकता, विश्लेषण की क्षमता और लिखित सामग्री के प्रति समझ विकसित होगी। दुनिया भर के शिक्षा विशेषज्ञ पढ़ने और लिखने को शिक्षा का आधार मानते हैं। इस मुहिम से पढ़ने की आदत बच्चों को लग गई, तो वह पूरी उम्र रहेगी। 100 दिनों का पठन अभियान तीन ग्रुप में बांटकर संचालित होगा। 3 से लेकर 14 वर्ष तक के बच्चों को इससे जोड़ा जाएगा। पहली श्रेणी में बाल वाटिका से लेकर दूसरी कक्षा तक के विद्यार्थी, दूसरे समूह में कक्षा 3 से 5 के और तीसरे ग्रुप में कक्षा 6 से 8 के छात्र-छात्रा शामिल किए जाएंगे।

केंद्र सरकार की ओर से विशेष अभियान चलकर बच्चों में पढ़ाई को रुचिकर बनाने तथा पठन-पाठन की जिज्ञासा जगाने के लिए 100 दिवसीय पठन अभियान 1 जनवरी से ही औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। कोरोना के कारण स्कूल बंद होने से जो बच्चे घरों पर है उन्हें प्रेरित किया जा रहा है। -मुकेश गर्ग, एडीपीसी समग्र शिक्षा अभियान धौलपुर

खबरें और भी हैं...