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  • The Recruitment Was Done By Crushing Both The Legs With The Jeep, Even After Giving Information, The Family Members Did Not Come To Meet, The Doctors And Employees Are Taking All The Expenses From Food And Drink

40 दिन से अस्पताल में बुजुर्ग की देखभाल:जीप से दोनों पैर कुचलने से हुआ था भर्ती, सूचना देने पर भी घरवाले मिलने नहीं आए, खाने-पीने से लेकर सभी खर्चा उठा रहे डॉक्टर व कर्मचारी

धौलपुरएक वर्ष पहले
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हॉस्पिटल में भर्ती बुजुर्ग को देखते पीएमओ। - Dainik Bhaskar
हॉस्पिटल में भर्ती बुजुर्ग को देखते पीएमओ।

राडौली गांव के रहने वाले 70 वर्षीय रामानंद पुत्र प्रभु को 40 दिन पहले भिक्षा मांगने के दौरान एक जीप ने टक्कर मार दी। उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर हुए हादसे के दौरान जीप बुजुर्ग के दोनों पैरों पर होकर निकल गई। जिसके बाद बुजुर्ग को गंभीर हालत में लेकर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। 40 दिन से धौलपुर अस्पताल में बुजुर्ग का इलाज किया जा रहा है। बुजुर्ग के घर में इकलौते भाई को सूचना देने के बाद भी अभी तक कोई भी उसे लेने नहीं आया।

चिकित्सकों की ओर से उपचार किए जाने के बाद बुजुर्ग को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, लेकिन बुजुर्ग के पास रहने के लिए कोई आसरा ना होने की वजह से उसे अस्पताल में ही रहना पड़ रहा है। ऐसे में घायल बुजुर्ग की मजबूरी को समझते हुए अस्पताल प्रबंधन घायल की सेवा चाकरी में लगा हुआ है। बुजुर्ग को अस्पताल प्रशासन से इतना प्यार मिला कि अब वह खुद वहां से नहीं जाना चाहता।

पीएमओ समरवीर सिंह सिकरवार ने बताया कि बुजुर्ग की हालत में सुधार तो है, लेकिन उसका कोई सहारा नहीं होने की वजह से अस्पताल के डॉक्टर्स, कंपाउडर व कर्मचारी उसके खाने-पीने से लेकर बुजुर्ग के हर खर्चे को उठा रहा है। पैरों में चोट लगने की वजह से घायल बुजुर्ग बिस्तर से उठ पाने में असमर्थ है।

प्लास्टर कटने के बाद भेजा जाएगा अपना घर

पीएमओ समरवीर सिंह सिकरवार ने बताया कि फिलहाल बुजुर्ग की देखभाल अस्पताल प्रबंधन कर रहा है। बुजुर्ग के दोनों पैर पर लगा प्लास्टर कटने के बाद उसे बाड़ी स्थित अपना घर आश्रम में भेजने के लिए बातचीत की जाएगी। जिससे बुजुर्ग को वहां समुचित देखभाल और इलाज मिल सके।

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