खतरे के निशान से 10 मीटर ऊपर बही चंबल नदी:140.50 मीटर हुआ जलस्तर,कोटा से छोड़ा गया पानी धौलपुर पहुंचना शुरू,50 से अधिक गांव जलमग्न

धौलपुर3 महीने पहले
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गांवों में भरा पानी। - Dainik Bhaskar
गांवों में भरा पानी।

कोटा बैराज से छोड़ा गया 1 लाख 62 हजार क्यूसेक पानी शनिवार सुबह से धौलपुर पहुंचना शुरू हो गया है । इससे पहले सुबह चंबल नदी का जल स्तर एक बार फिर से 140 से बढ़कर 140.50 मीटर पहुंच चुका है । देर रात चंबल नदी 144 मीटर से 140 मीटर तक पहुंच गई । चंबल नदी खतरे के निशान से 10 मीटर ऊपर बह रही है। जिस वजह से तकरीबन 50 से अधिक गांव अभी भी पूरी तरह से जलमग्न हैं।

आपदा से निपटने लिए SDRF अलर्ट

2019 के रिकॉर्ड को तोड़ने के बाद चंबल नदी का जल स्तर शुक्रवार को कम होना शुरू हुआ था । शनिवार को नदी का जल स्तर एक बार फिर से बढ़ने की वजह से अभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत की उम्मीद कम ही नजर आ रही है । चंबल में बाढ़ के हालात को देखते हुए कलेक्टर राकेश जायसवाल और जिला पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत शनिवार सुबह से ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डेरा जमाए हुए हैं। किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए एक बार फिर से SDRF को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही हैं ।

खरीफ की फसल चौपट,कच्चे मकान ढहने का डर
चंबल में आई बाढ़ की वजह से खरीफ की फसल चौपट हो चुकी हैं । किसानों के कच्चे मकान ढहने की कगार पर पहुंच चुके हैं । धौलपुर दौरे पर आए जिला प्रभारी मंत्री भजन लाल जाटव ने भी प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान का आंकलन पर पीड़ितों को सरकारी मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।