शिक्षा रैंकिंग में फिर पिछड़ा भरतपुर:10 सीबीईओ को नोटिस पिछली बार हम एक पायदान आगे बढ़े थे, इस बार 2 पायदान यानि 21 से 23 वें स्थान पर आए

भरतपुर19 दिन पहले
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शिक्षा रैंकिंग में भरतपुर एक बार फिर पिछड़ गया है। पिछली बार हम एक पायदान आगे बढ़े थे। इस बार शिक्षा राज्यमंत्री जाहिदा खान का जिला होते हुए भी दो पायदान पीछे लुढ़ककर 21 से 23 वें स्थान पर आ गए हैं। इसके लिए जिम्मेदार 10 ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि शिक्षा की क्वालिटी बढ़ाने के उद्देश्य से राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद सभी जिलों की हर माह रैंकिंग जारी करती है।

अगस्त की रैंकिंग में भरतपुर जिला 23वें स्थान पर है। जबकि पिछले साल 21वें पायदान पर था। हमें इस बार प्रदेश में 178.71 अंक मिले हैं। जबकि संभाग के अन्य जिलों में करौली 10वें, धौलपुर 14वें स्थान पर है। सवाई माधोपुर हमसे भी पीछे 24वें पायदान पर है। प्रदेश में जयपुर जिला अव्वल और अजमेर सबसे फिसड्डी 33वें स्थान पर है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी स्कूलों की हर महीने रैंकिंग 43 बिंदुओं के आधार पर ऑनलाइन तय होती है। अगस्त में शिक्षा अधिकारी ग्रामीण ओलंपिक खेलों की तैयारी में व्यस्त रहे थे। ऑनलाइन एडमिशन और आधार की डाटा फीडिंग का कार्य भी करना पड़ा। इसलिए रैंकिंग में पिछड़ गए।

रूपवास और कुम्हेर ब्लॉक का काम अच्छाः अनित
शिक्षा अधिकारी ग्रामीण ओलंपिक खेलों की तैयारी और ऑनलाइन डाटा फीडिंग में व्यस्त रहे। इसलिए पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाए। हालांकि जिले में रूपवास और कुम्हेर ब्लॉक का काम अच्छा रहा है। इसलिए उन्हें छोड़कर बाकी सभी 10 सीबीईओ को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं। अनित कुमार शर्मा, एडीपीसी, समसा भरतपुर

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