अच्छी खबर:100 करोड़ रुपए से बदलेगा डिस्कॉम का जर्जर ढांचा, बिजली चोरी पर लगेगी लगाम

भरतपुर2 महीने पहले
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ग्रामीण क्षेत्र में लटके तार और क्षतिग्रस्त खंभा। - Dainik Bhaskar
ग्रामीण क्षेत्र में लटके तार और क्षतिग्रस्त खंभा।

भरतपुर जिले के 3.33 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें अघोषित बिजली कटौती की मार नहीं झेलनी होगी। जल्द ही जिलेभर में जर्जर बिजली के तार बदले जाएंगे। ओवरलोड वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे और स्मार्ट मीटर भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा 33 केवी व 11 केवी का फीडर ओवर लोड खत्म करने के लिए अलग लाइन डालकर क्षेत्र को सप्लाई दी जाएगी।

इसके अतिरिक्त घरेलू और कृषि कनेक्शनधारकों के लिए सप्लाई देने के लिए अलग-अलग फीडर स्थापित किए जाएंगे। यह सब कार्य केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत किया जाएगा। इस पर करीब 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसको लेकर सभी सभी एईएन और एक्सईएन से प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं।

जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत प्रदेशभर में भरतपुर सर्किल में सर्वाधिक 44.14 प्रतिशत बिजली छीजत होती है। वहीं, कुम्हेर, पहाड़ी और कामां में टीएडंडी लॉस अधिक है। जानकर हैरानी होगी कि जर्जर बिजली लाइनों से आए दिन बेजुबान पशु और आमजन की करंट लगने की घटनाएं होती हैं। इसके अलावा 33 और 11 केवी की लाइनों पर लोड बढ़ने से अक्सर ट्रिपिंग की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है।

इसके चलते किसानों को सिचांई आदि के लिए ट्यूबवेल आदि का सहारा लेना पड़ता है। जल्द ही ये सभी दिक्कतें दूर होने वाली है। केंद्र सरकार ने पुर्नोत्थान वितरण योजना (Revamped Distribution Sector Scheme) आरडीएसएस योजना लागू की है।

इसके लिए भरतपुर सर्किल के अधीक्षण अभियंता संजय अग्रवाल ने सभी एक्सईएन और एईएन से उनके क्षेत्र में केबल, ट्रांसफार्मर और हाइटेंशन लाइन आदि की रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में यह बताना है कि कहां-कहां पर लाइनें जर्जर हालत हैं, क्षेत्र में कितने ट्रांसफार्मरों पर अधिक लोड है, 33 और 11 केवी की लाइनों पर ओवरलोड की स्थिति आदि शामिल हैं।

इन स्थानों पर होगा सुधार, लगेगी आर्म्ड केबल
जेईएन राघवेंद्र सिंह ने बताया कि उच्चैन, नदबई, बयाना, वैर, छौकरवाड़ा, रूपवास, डीग, कुम्हेर, नगर, कामां, पहाड़ी आदि स्थानों पर केबल जर्जर हालत हैं। रात के समय जंफर डाले जाने से ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ जाता है। और बिजली गुल हो जाती है। निर्बाध विद्युत आपूर्ति में बाधक बने जर्जर तारों को विद्युत निगम जल्द ही बदलेगा।

इन गांवों में डिस्कॉम की ओर से एबीसी कंडक्टर वायर डाली जाएगी। इसके अलावा अधिक लोड सेंटर पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। वहीं, 33 और 11 केवी लाइनों का लोड कम करने के लिए अलग से लाइन डाली जाएगी। इससे विद्युत चोरी पर अंकुश लगेगा और ट्रांसफार्मर नहीं जलेगा। इसके अलावा क्षतिग्रस्त खंभे भी बदले जाएंगे।

कुम्हेर और पहाड़ी में हो रही सर्वाधिक बिजली चोरी
भरतपुर सर्किल में सबसे अधिक बिजली चोरी कुम्हेर क्षेत्र में 56.64% होती है। इसके बाद दूसरे स्थान पर पहाड़ी (54.51%) और तीसरे स्थान पर कामां (51.89%) है। जबकि सबसे कम बिजली चोरी वैर(19.44%) में होती है।

टीएंडटी लॉस की स्थिति (मार्च से अब तक)

सब डिवीजन - टीएंडडी लॉस
भरतपुर (ए-3) - 44.72 %
नदबई - 28.41 %
उच्चैन - 40.76 %
बयाना - 32.27 %
रूपवास - 49.87 %
वैर - 19.44 %
छौकरवाड़ा - 26.52 %
डीग - 47.98 %
कुम्हेर - 56.64 %
नगर - 36.29 %
कामां - 51.89 %
पहाड़ी - 54.51 %

उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली सप्लाई मिलेगी : अग्रवाल
केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत जिलेभर में जर्जर बिजली लाइनें बदली जाएगी, ओवरलोड ट्रांसफार्मर की जगह अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे इसके अलावा 33 और 11 केवी लाइनों का लोड लोड कम करने के लिए अतिरिक्त हाइटेंशन लाइनें भी डाली जाएंगी। साथ ही स्मार्ट मीटर भी लगेंगे। इससे लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी और बिजली चोरी भी रुकेगी। -संजय अग्रवाल, एसई भरतपुर

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