कैसे काबू आएगा डेंगू:जिले में फोगिंग की 33 में से 21 मशीनें खराब, भरतपुर शहर भी सिर्फ एक मशीन के भरोसे

भरतपुर2 महीने पहले
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भरतपुर। नगर निगम के पास फोगिंग की छोटी मशीनें, जो काम नहीं आ रहीं हैं। - Dainik Bhaskar
भरतपुर। नगर निगम के पास फोगिंग की छोटी मशीनें, जो काम नहीं आ रहीं हैं।
  • अब तक 208 डेंगू रोगी, 2506 घरों में मिला लार्वा, 16000 से ज्यादा बुखार पीड़ित

जिले में डेंगू-चिकनगुनिया, वायरल बुखार महामारी जैसा रूप लेते जा रहे हैं। अगर सरकारी आंकड़ों पर ही भरोसा करें तो जिले में 16000 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। 2506 घरों में अब तक डेंगू वाले मच्छरों का लार्वा मिल चुका है। मेवात इलाके समेत जिले में 14-15 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें भरतपुर के निकटवर्ती गुंडवा गांव के 8 और 6 वर्षीय भाई-बहन ने तो दो दिन में ही दम तोड़ दिया। इस सबके बावजूद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और निगम के अफसरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

भास्कर संवाददाता ने बुधवार को पड़ताल की तो पता चला कि जिले में उपलब्ध 33 में से 21 फोगिंग मशीनें तो खराब ही पड़ी हैं। इन्हें समय रहते ठीक ही नहीं कराया गया। नगर निगम के जिम्मेदार अफसर जेईएन हरीश सैनी को तो यह भी पता नहीं था कि उनके पास फोगिंग की कुल कितनी मशीनें हैं। संवाददाता ने गिनाई तो माना कि 2 मशीनें खराब हैं, जबकि 5 छोटी मशीनें स्टोर में ही रखी हैं। केवल एक मशीन ही शहर में फोगिंग कर रही है।

इसी तरह कुम्हेर में इसी महीने दी गई फोगिंग मशीन को कंडम घोषित कराने की कोशिश की जा रही है। अधिकारी-कर्मचारी फोगिंग मशीनें नहीं होने का बहाना बना रहे हैं। संभवतः इसीलिए अफसरों ने डेंगू-वायरल, चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए दीर्घावधि प्लान बनाया है। फोगिंग का कार्यक्रम दीपावली बाद तक के लिए बना दिया है। लेकिन, सवाल यह है कि क्या तब तक डेंगू का मच्छर वातावरण में घूमता ही रहेगा।

दावाः जिले में 550 टीमें कर रहीं एंटी लार्वा एक्टिविटी, 2.45 लाख घरों में हुआ सर्वे
सीएमएचओ ऑफिस के एंटोमोलॉजिस्ट संजय प्रभाकर ने दावा किया कि जिले में 550 टीमें एंटी लार्वा एक्टिविटी में जुटी हैं। सितंबर से अब तक 2.45 लाख घरों का सर्वे हो चुका है। इस दौरान 9.44 लाख कंटेनरों की जांच करके 23715 खाली कराए हैं। 2506 घरों में लार्वा मिला। जबकि 16158 लोग बुखार रोगी मिले। इस साल जिले में अब तक 208 डेंगू पीड़ित मिले हैं। डा. प्रवीण गुप्ता ने बताया कि गुंडवा में 120 रोगियों में जुकाम, खांसी, बुखार, घुटनों के दर्द, पेट दर्द की शिकायत मिली। बुखार पीडितों की स्लाइड ली गई है।

एक्सपर्ट व्यू- इतनी मशीनें हैं कि भरतपुर शहर के 3 दिन में कवर किया जा सकता है
पूर्व वरिष्ठ मलेरिया अधिकारी फूल सिंह बताते हैं कि डेंगू-वायरल जैसी मौसमी बीमारियों पर फोगिंग और एंटी लार्वा एक्टिविटी से ही काबू पाया जा सकता है। इसके लिए युद्ध जैसा अभियान चलाना चाहिए। चिकित्सा विभाग और नगर निगम के पास इतनी फोगिंग मशीनें हैं कि 2-3 दिन में ही पूरा शहर कवर हो सकता हैं। कोरोना की तरह ही जिलेभर में एंटी लार्वा एक्टिविटी होनी चाहिए।

सीधी बात- डॉ. मनीष चौधरी, सीएमएचओ

सवालः जिले में डेंगू-वायरल तेजी से फैल रहा है, रोकथाम क्यों नहीं की जा रही? जवाबः एंटी लार्वा एक्टिविटी कर रहे हैं, हर ब्लॉक में फोगिंग कराई जा रही है, ताकि मच्छर मर सके। सवालः लेकिन, फोगिंग की 33 में से 21 मशीनें तो खराब हैं, फिर आप क्या देख रहे हैं? जवाबः खराब मशीनों को जिला स्तर पर ठीक करने की व्यवस्था है। जल्दी ठीक करवा देंगे। सवालः भरतपुर शहर भी चपेट में है, सभी 65 वार्डों में एक साथ फोगिंग क्यों नहीं करवाते? जवाबः नगर निगम के सहयोग से मास लेवल पर फोगिंग कराई जा रही है। मशीनें खराब हैं तो ठीक करवा देंगे। सवालः गुंडवा में दो बच्चों की मौत हो गई, कई लोग बीमार हैं, वहां क्या किया? जबावः गुरुवार को मेडिकल टीम भेजी गई थी। जिसने बीमारों की जांच कर उन्हें दवाएं दी हैं।

खराब मशीनों को दुरुस्त कराएंगे- गर्ग
जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मी मच्छरों को मारने के लिए पानी में दवा डाल रही हैं। गुंडवा में भी मोबाइल मेडिकल टीम ने जांच की है। मैंने जिला कलेक्टर, सीएमएचओ और नगर निगम आयुक्त को फोगिंग मशीनों की संख्या बढ़ाने और एंटी लार्वा एक्टिविटी तेज करने के निर्देश दिए हैं। खराब फोगिंग मशीनों के मामले में भी कार्रवाई करेंगे। - डॉ. सुभाष गर्ग, चिकित्सा राज्यमंत्री

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