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आरबीएम अस्पताल से जुड़ी दो खबरें:पूरा खाली हुए बिना ही बदल रहे ऑक्सीजन सिलेंडर, 4 भामाशाहों ने दीं 50 व्हील चेयर और ‌1 लाख रुपए

भरतपुरएक महीने पहले
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कोरोना रोगी जहां एक ओर कतरा-कतरा ऑक्सीजन के लिए बेड पर सांसें गिन रहे हैं, वहीं आरबीएम अस्पताल के कर्मचारी पूरा सिलेंडर खाली हुए बिना ही नया बदल रहे हैं। इससे ऑक्सीजन की काफी छीजत हो रही थी। इसे रोकने के लिए अब जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने प्रभारी अधिकारी लगाकर ऑक्सीजन की प्रभावी मॉनीटरिंग करने को कहा है।

उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जब तक पूरा सिलेंडर खाली न हो, तब तक नया नहीं बदला जाए। शुक्रवार को यहां जारी एक आदेश में जिला कलेक्टर गुप्ता ने कहा है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अमरचंद मीना के निर्देशन में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट पर भी नजर रखी जाएगी।

प्रभारी अधिकारी और उनके सहायक लगातार 3 पारियों में काम करेंगे। इन्हें कहा गया है कि कोई भी सिलेंडर बदलवाने से पहले सुनिश्चित कर लें कि वह पूरी तरह खाली हो चुका है। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 56 के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।

भरतपुर, चार भामाशाहों ने आरबीएम हॉस्पीटल के लिए 50 व्हील चेयर एवं एक लाख रुपए की राशि दान की है। चिकित्सालय को व्हील चेयर मिलने के बाद रोगियों को वार्डों तक लाने ले जाने की सुविधा मिल सकेगी। चिकित्सा राज्य मंत्री डाॅ सुभाष गर्ग ने बताया कि वे आरबीएम चिकित्सालय में भर्ती कोरोना संक्रमितों के उपचार एवं अन्य बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं।

जिसके तहत उनके द्वारा भामाशाहों से सहयोग देने की अपील पर कृष्ण कुमार अग्रवाल ने 20, जेपी ऑयल इन्ड्रस्ट्रीज के राधेश्याम गोयल ने 15, ब्रज औद्योगिक संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद गर्ग ने 15 व्हील चेयर भेंट की हैं। इसके अलावा मोहन लाल भट्टेवाले ने एक लाख रुपये की राशि सीएम कोविड फंड में दान दी है।

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