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बैक गियर में आरटीओ:50 सीसी के दुपहिया वाहन 11 साल से बंद हैं, RTO इन्हें बिना गियर का मानता है

भरतपुर25 दिन पहले
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विभाग के नियमों में अभी भी 50 सीसी वाले वाहन (लूना, मोपेड) आदि ही बिना गियर वाले हैं। - Dainik Bhaskar
विभाग के नियमों में अभी भी 50 सीसी वाले वाहन (लूना, मोपेड) आदि ही बिना गियर वाले हैं।
  • 100 सीसी की स्कूटी वालों के आवेदन हो रहे रद्द
  • 50 और 100 सीसी के फेर में हर रोज लाइसेंस के करीब 25 आवेदन हो रहे रद्द

परिवहन विभाग इन दिनों बैक गियर में चल रहा है। सालों पुराने नियमों से वाहन चालकों को लाइसेंस बनवाने में दिक्कतें आ रही हैं। 50 और 100 सीसी का फेर नहीं समझ पाने के कारण ज्यादातर आवेदक दलालों के चक्कर में फंस रहे हैं। क्योंकि विभाग के नियमों में अभी भी 50 सीसी वाले वाहन (लूना, मोपेड) आदि ही बिना गियर वाले हैं। जबकि ये वाहन वर्ष 2010 से ही बनने बंद हो चुके हैं। इससे ज्यादा सीसी के वाहनों को वह गियर वाला वाहन मानता है।

आम लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। इसलिए जब भी कोई बिना गियर वाला वाहन समझकर स्कूटी के लिए लाइसेंस मांगता है तो उसका आवेदन रद्द कर दिया जाता है। इसलिए उन्हें दलालों के चक्कर में फंस जाते हैं। इस तरह रोजाना 20-25 आवेदन रद्द हो रहे हैं।

क्योंकि स्कूटी के लिए लाइसेंस चाहने वाले आवेदक बिना गियर वाली कैटेगरी में ही लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं। परिवहन विभाग के अफसरों का कहना है कि 16 से 18 साल के किशोरों को 50 सीसी क्षमता वाले दुपहिया वाहन का ही लाइसेंस दिया जा सकता है। यदि ऐसी गाड़ी बन ही नहीं रही है तो लाइसेंस भी नहीं मिल सकता।

100 सीसी से ऊपर वाले वाहन विद गियर की श्रेणी में हैं - डीटीओ

जिला परिवहन अधिकारी सत्यप्रकाश शर्मा का कहना है अब एक्टिवा जैसी गाडिय़ां 100 सीसी से ऊपर की आ रही हैं। इस वजह से इन्हें विद गियर की श्रेणी में रखा है। ऑनलाइन में लाइसेंस के 3 ऑप्शन आते हैं। पहला विदाउट गियर, दूसरा विद गियर और तीसरा लाइट मोटर व्हीकल। अधिकतर छात्राएं स्कूटी या एक्टिवा का लाइसेंस चाहती हैं। इसलिए वे विदाउट गियर में अप्लाई करती हैं। जब ट्रायल देने जाती हैं तो आरटीओ इंस्पेक्टर लाइसेंस से इंकार कर देते हैं।

18 साल के बच्चों के लिए था नियम

दुपहिया वाहनों के लाइसेंस दो श्रेणियों में दिए जाते हैं। पहला- 16 से 18 साल तक के लिए और दूसरा-18 से अधिक उम्र वालों के लिए। इनमें 16 से 18 साल किशोरों को ‘50 सीसी तक के विदाउट गियर’ दुपहिया वाहन चलाने की अनुमति होती है। लेकिन वर्ष 2010 से ही कंपनियां 50 सीसी के वाहन नहीं बना रही है।

मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार 50 सीसी के वाहन चलाने का लाइसेंस पहले दिया जाता था। लेकिन अब इस रेंज में गाड़ियां बनना ही बंद हो गई है। इसलिए लाइसेंस जारी नहीं किए जाते हैं। इसलिए केंद्र सरकार को नियम/आदेश में बदलाव करना चाहिए अथवा 50 सीसी की गाड़ी के सीसी में बढ़ोत्तरी करनी चाहिए, जिससे आवेदकों को परेशानी न उठानी पड़े।
सतीश कुमार, आरटीओ

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