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अनलॉक के 17 दिन बाद:60% ग्राहक लौटे, बाजार में बूम के लिए शादियों की वैक्सीन जरूरी

भरतपुर2 महीने पहलेलेखक: प्रमोद कल्याण
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भरतपुर. चौबुर्जा बाजार में अनलॉक के बाद अभी पहले जैसी रंगत नहीं आई है। - Dainik Bhaskar
भरतपुर. चौबुर्जा बाजार में अनलॉक के बाद अभी पहले जैसी रंगत नहीं आई है।
  • कोरोना केस कम हुए तो पाबंदियां हटीं - फिर भी बाजार में सुस्ती, अभी बहुत जरूरी सामान ही ले रहे लोग

कोरोना कम होने और पाबंदिया हटने के बाद बाजार अनलॉक हुए तीसरा सप्ताह शनिवार काे समाप्त हो जाएगा। इस दौरान करीब 60 फीसदी ग्राहकी लाैट आई है। व्यापारियों में हालांकि दुकान खाेलने का उत्साह है। लेकिन, सुबह की हड़बड़ाहट खत्म हा़े गई है। क्योंकि ग्राहक अभी सिर्फ खाने-पीने और रुटीन की जरुरताें का सामान ही खरीद रहे हैं।

सुस्ती की वजह यह भी है क्योंकि खरीफ फसलोंं की बुवाई का समय होने के कारण किसान इन दिनों खेतों में व्यस्त है। स्कूल-कॉलेज बंद होने से शैक्षणिक माहौल नहीं बना है। शादियों में 30 जून तक अधिकतम 11 मेहमानों की लिमिट और धार्मिक त्यौहार एवं मेलों पर रोक की वजह से ग्राहक बाजार में कम ही आ रहा है।

अनलॉक के 17 वें दिन भास्कर ने जिले की पहचान अचार, सरसाें तेल, हाेटल, सेंड स्टाेन, फर्नीचर, रेडिमेड कपडे़ आदि प्रमुख 6 कारोबारों की पड़ताल की। सभी काराेबार धीरे-धीरे रुटीन की ओर लाैट रहे हैं। कर्मचारी, कारीगर और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लाेगाें काे भी राेजगार मिलने लगा है।

इस तरह 50 हजार से ज्यादा लाेगाेंं की जिंदगी फिर से पटरी पर लौटने लगी है। बाजार के एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि शादियाें से पाबंदी हटा दी जाए ताे बाजार में बूम आएगा। कपड़े, साड़ी, जूते, किराना, बर्तन, ज्वैलरी, रंग राेगन, मरम्मत, वाहन, इलैक्ट्रनिक आइटम, गिफ्ट आदि की सेल बाजार काे काफी बूम देगी। क्योंकि 18 जुलाई तक लगातार सावे हैं। कई राज्यों ने तो अपने यहां छूट दे भी दी है।

बाजार में बूम के 3 मंत्र

1 बाजारों में शाम का बढ़ाया जाए... क्याेंकि खरीददारी का समय असल में शाम के समय ही है। अभी बाजार शाम 4 बजे बंद हा़े जाता है।
2 शादियाें में छूट मिले... अगले दाे माह काेई बड़ा त्याैहार नहीं है। शादियां 19 जून से 18 जुलाई तक है। अभी घर से शादी करने पर अधिकतम 11 अतिथियाें की सीमा लागू है।
3 धार्मिक आयोजन और मेले... इनसे बाजार में बूम आएगा। सजावटी, खाने-पीने, कपडे़, खिलाैने आदि काराेबार में तेजी आएगी।

धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहे हैं जिले के प्रमुख कारोबाऱ

1 अचार/मुरब्बाः भुसावर के अचार/मुरब्बे/चटनी पूरे उत्तर भारत में सप्लाई हाेते हैं। सितंबर से सीजन शुरू हाेगा। फिलहाल अचार बनाने और पैकिंग का समय है। लगभग 35-40 यूनिटाें में 5 हजार से ज्यादा लाेगाें काे राेजगार मिला हुआ है।

2 सैंड स्टाेनः देश के प्रमुख मंदिराें में सैंड स्टाेन की डिमांड है। अनलॉक के बाद 30 फीसदी काराेबार हो रहा है। करीब 350 यूनिटाें में 10 हजार से ज्यादा कारीगर कटाई, छंटाई और गढ़ाई के काम में जुट गए हैं।

3 सरसाे तेलः काेराेनाकाल के दौरान 90 से ज्यादा यूनिटों में अच्छा काम हुआ था। फिलहाल सरसाें की कमी और भावाें में उतार-चढ़ाव के कारण मिल मालिक संभल कर काम कर रहे हैं। फिर भी इस समय 10 हजार से ज्यादा लाेगाें काे राेजगार मिला हुआ है।

4 हाेटल/रेस्टाेरेंटः शहर में करीब 110 हाेटल, गेस्ट हाउस व रेस्टाेरेंट हैं। केवलादेव घना, राजकीय संग्रहालय समेत पर्यटन स्थल हाल में खुले हैं। इसलिए व्यवसासियाें ने वीक एंड ट्यूरिस्ट की उम्मीद में तैयारियां शुरू कर दी हैं।

5 रेडीमेड गारमेंटसः सीकरी समेत जिले में 40 से ज्यादा कारखाने हैं। हरियाणा, यूपी सहित अन्य प्रदेशों में माल आपूर्ति हाेता है। स्कूल खुलने व शादियाें की उम्मीद में मशीनें चलने से 3000 कारीगराें काे काम मिलने लगा है। कारोबार में 30% रंगत लाैटी है।

6 फर्नीचर उद्योगः सीकरी में बना फर्नीचर हरियाणा, उप्र, दिल्ली समेत प्रदेश के कई जिलाें सप्लाई होता है। कस्बे में 50 कारखाने हैं। शादियां न हाेने के बाद भी 20% काराेबार होने लगा है। करीब 3000 लाेगाें की राेजी-राेटी चल रही है।

एक्सपर्टस

भरतपुर में रोज होता है 50 से 60 करोड़ का कारोबार

भरतपुर का सालाना टर्न ओवर करीब 20 हजार कराेड़ रुपए है। बाजार एक्सपर्ट्स राेजाना 50 से 60 कराेड़ की सेल सामान्य दिनाें में हाेने का अनुमान लगाते आए हैं। जीएसटी रिटर्न, बैंक ट्रांसजेक्शन और व्यापारियाें से बातचीत के आधार पर इन दिनाें मार्केट रुटीन से 60% तक रन कर रहा है।
अतुल मित्तल, सीए

भास्कर एक्सपर्टस

संजीव गुप्ता, अध्यक्ष व्यापार महासंघ

दीनदयाल गाेयल, उपाध्यक्ष ब्रज औद्योगिक संघ

रनवीरसिंह, अध्यक्ष भरतपुर हाेटल एंड रेस्टाेरेंट वेलफेयर साेसायटी

विनय जैन, रेडिमेड वस्त्र निर्माता

प्रमाेद जैन, सेंड स्टाेन काराेबारी

त्रिलाेक लखानी, फर्नीचर निर्माता

लाेकेश गाेयल, वेडिंग काराेबारी

तरुण गर्ग, ज्वैलर्स।

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