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  • 93000 Tourists Decreased In A Year, Turnover Remained Only 10% In A Quarter Of A Year, More Than 1500 Unemployed Including Cooks, Waiters And Housekeepers Associated With Hotels

हाेटल इंडस्ट्रीज पर लाइव रिपोर्ट:एक साल में घट गए 93000 सैलानी, सवा साल में 10% ही रह गया टर्न ओवर, होटलों से जुड़े कुक, वेटर और हाउस कीपर समेत 1500 से ज्यादा हुए बेराेजगार

भरतपुर18 दिन पहलेलेखक: प्रमोद कल्याण
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  • विश्व की सबसे बड़ी बर्ड्स साइट केवलादेव घना से जुड़ी हाेटल इंडस्ट्रीज पर लाइव रिपाेर्ट

इस समय सुबह के 9 बजे हैं। विश्व की सबसे बड़ी बर्ड साइट केवलादेव घना राष्ट्रीय पक्षी उधान बेजार है। लॉकडाउन के कारण घना के गेट सैलानियों के लिए बंद हैं। संक्रमण की वजह से ट्यूरिस्ट का मूवमेंट थम गया है। इसलिए हर सुबह आबाद रहने वाली घना राेड पर सन्नाटा है। दूर पेड़ पर कूक रही काेयल की आवाज रह-रह कर नीरसता काे भंग करती है।

लेकिन, इस शांत माहौल ने हाेटल और रेस्टाेरेंट इंडस्ट्रीज काे अशांत कर दिया है। क्योंकि सैलानियों की तादाद एक साल में ही 93 हजार कम हा़े गई है। विदेशी सैलानी 73 प्रतिशत कम हुए हैं। इसलिए हाेटल सूने हैं। करीब 1500 से ज्यादा कर्मचारियों के पास काेराेना काल में काम नहीं है। हाेटल मालिक, कर्मचारी, टूरिस्ट गाइड, रिक्शा चालक समेत इससे जुड़े सभी लोग इस निराशा से संक्रमित हैं। रोजगार खत्म हा़े गया है।

फिलहाल 1500 से ज्यादा कर्मचारियों के पास काम नहीं है। घर में फांके पड़े हैं। 7 साल से वेटर गौतम कहते हैं कि पिछले काेराेनाकाल में मालिक ने आधी-अधूरी तनख्वाह देकर हमें ढाेया था। लेकिन, इस साल फिर वही हालात हैं। तीन महीने से घर बैठकर खा रहे हैं। उम्मीद हाेटल संचालकों काे भी नहीं है।

भरतपुर हाेटल और रेस्टाेरेंट वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष रनवीर सिंह बताते हैं कि हालात सामान्य हाेने में अभी करीब सवा साल लगेगा। क्योंकि अब तीसरी लहर आने की भी आशंका है। हाेटलाें के हाल खराब हैं। बिजली, पानी, रखरखाव का खर्च घर से देना पड़ रहा है। मजबूरन 80 से 90 फीसदी स्टाफ की छंटनी करनी पड़ी है।

शहर में करीब 110 हाेटल और रेस्टाेरेंट हैं। इनमें करीब 2 हजार कर्मचारी कुक, वेटर, हाउस कीपिंग, सफाईकर्मी, मशालची, रिसेपनिस्ट, अकाउंटेंट, माली, सिक्योरिटी गार्ड, मैनेजर, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन आदि काम करते हैं। इनकी तनख्वाह 8 हजार से 40 हजार रुपए तक है।

ऐसी ही बेरोजगारी का आलम रिक्शाचालक और गाइड्स के पास है। घना से करीब 150 रिक्शा चालक और 125 गाइड जुड़े हैं। यहां करीब 1.50 लाख देशी-विदेशी सैलानी हर साल आते हैं। इससे हाेटल इंडस्ट्रीज का सालाना टर्न ओवर 60 से 70 कराेड़ के आसपास रहता है।

सरकार से होटल इंडस्ट्री ने मांगी ये रियायत
बिजली बिल में फिक्स चार्ज हटाए जाएं। लाेन ब्याज माफ किया जाए। बार संचालन की एक्साइज फीस माफ की जाए। वेंडरों की भांति हाेटल इंडस्ट्रीज कर्मचारियों को भी आर्थिक सहायता मिले।

सवा साल में कई संचालकों ने लीज छोडी
काेराेना की दूसरी लहर हाेटल/रेस्टाेरेंट इंडस्ट्रीज का खाना खराब कर गई है। अब चिंता थर्ड वेब काे लेकर है। फोर्टी अध्यक्ष अनुराग गर्ग कहते हैं कि इंटरनेशनल फ्लाइट और रेलवे संचालन लगभग बंद है। ट्यूरिस्ट भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है। सवा साल मेें कई संचालक लीज छाेड़ गए हैं। काराेबार 10% भी नहीं रहा है।

इसलिए है सैलानियों के लिए घना खास
घना पक्षी उद्यान वर्ष 1982 में राष्ट्रीय पक्षी उद्यान की सूची में शामिल हुआ। यूनेस्को ने वर्ष 1985 में इसे विश्व विरासत की सूची में सम्मिलित किया। करीब 11 वर्ग किलोमीटर में झीलें हाेने के कारण घना रामसर साइट में शामिल है। घना में यूराेप, साइबेरिया सहित कई देशों से करीब 452 प्रजाति के लाखाें परिंदे प्रवास और नेस्टिंग के लिए आते हैं।

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