ट्रांसपोर्टर फर्म की बैंक गारंटी भी जब्त:गेहूं में मिट्टी मिलाने वाली ट्रांसपोर्टर फर्म की बैंक गारंटी भी जब्त, सभी भुगतान रोके

भरतपुरएक महीने पहले
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करीब 3.75 करोड़ रुपए के घोटाले को दबाने के लिए राशन के गेहूं में मिट्टी-कंकर मिलाने वाली ट्रांसपोर्टर फर्म मैसर्स चंद्रावती हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म की 34.36 लाख रुपए की बैंक गारंटी जब्त कर ली गई है। इसके साथ ही जिला रसद विभाग ने फर्म को किए जाने वाले सभी भुगतानों पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही सरकार से अतिरिक्त गेहूं आवंटन करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से गेहूं वितरित कराया जा सके।

इसके साथ ही जिला कलेक्टर ने रसद विभाग के अधिकारियों को राशन सामग्री में मिलावट रोकने के लिए नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले उद्योग नगर पुलिस ने रीको एरिया के एक गोदाम में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर छापा मारा था। यहां कुछ कर्मचारी राशन के गेहूं में मिट्टी मिलाते हुए मिले। जहां खुला गेहूं रखा था। वहीं पर मिट्टी का ढेर भी था। इस पर जिला प्रशासन और रसद विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर मिलावटी गेहूं जब्त करने के साथ ही लोकेंद्र सिंह एवं त्रिलोकी को हिरासत में लिया गया था।

इन दोनों ने स्वीकार किया था कि वे ट्रांसपोर्टर फर्म मैसर्स चंद्रावती हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म के लिए काम करते हैं। इस फर्म में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह फौजदार और उनकी पत्नी पूर्व जिला प्रमुख बीना सिंह पार्टनर हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने 274.5 क्विंटल गेहूं मौके पर ही छनवाकर कट्टों में भरवाने के बाद जब्त करके एक अन्य ट्रांसपोर्टर बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी के प्रतिनिधि रमेश पुत्र धूप सिंह जाट को सुपुर्द कर दिया था। मैसर्स चंद्रावती हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म के खिलाफ उद्योग नगर थाने में धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं आईपीसी की धारा 420, 406, 272 एवं 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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