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बैंक का घोटाला अनलॉक:भरतपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक एमडी सस्पेंड, 77000 ऋणी किसानों का नहीं कराया था बीमा

भरतपुर3 महीने पहले
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प्रदेशभर में लाखों किसानों के साथ हुई इस धोखाधड़ी को पिछले दिनों दैनिक भास्कर ने उजागर किया था। - Dainik Bhaskar
प्रदेशभर में लाखों किसानों के साथ हुई इस धोखाधड़ी को पिछले दिनों दैनिक भास्कर ने उजागर किया था।
  • चेयरमैन ने भी कर रखी थी तबादलों में भ्रष्टाचार को लेकर एमडी की शिकायत

जिले में अल्पकालीन फसली ऋण लेने वाले करीब 77000 किसानों का जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा नहीं कराने के मामले में राज्य सरकार ने लापरवाह अफसरों पर सख्त एक्शन लिया है। भरतपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के एमडी रामप्रसाद मीणा को मंगलवार रात्रि सस्पेंड कर दिया गया। ऐसा ही घपला पाए जाने पर इनके साथ ही डूंगरपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के एमडी को भी सस्पेंड किया गया है, जबकि जयपुर अपेक्स बैंक के एम. पी. यादव को अगले आदेशों तक एपीओ कर दिया गया है। प्रदेशभर में लाखों किसानों के साथ हुई इस धोखाधड़ी को पिछले दिनों दैनिक भास्कर ने उजागर किया था।

बैकिंग सूत्रों के मुताबिक भरतपुर जिले में सहकारी बैंकों से पिछले साल कुल 78540 किसानों को अल्पकालीन फसली कर्जे बांटे गए थे। नियमानुसार ऋणी किसानों का जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा किया जाता है। ताकि कोई अनहोनी होने पर संबंधित किसान के परिवार को तो सुरक्षा मिले ही बैंक का लोन भी नहीं डूबे।

इसके प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसायटी (पैक्स) किसानों से बीमा राशि का प्रीमियम काटकर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (सीसीबी) को भेजती हैं। लेकिन, भरतपुर सीसीबी ने करीब 77000 किसानों का बीमा ही नहीं कराया। राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। उल्लेखनीय है कि भरतपुर सीसीबी लंबे समय से विवाद में हैं।

चेयरमैन भीम सिंह और एमडी आरपी मीणा के बीच काफी समय से तनातनी और शिकायतबाजी चल रही थी। एमडी के गलत फैसलों की वजह से बैंक लगातार घाटे में चल रहा था। इस वजह से बैंक ने किसानों को फसली कर्जे भी बांटने बंद कर दिए थे। इस बीच चेयरमैन भीम सिंह ने बताया कि बैंक के एमडी आरपी मीणा भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।

उन्होंने 13 ब्रांचों के कर्मियों की ट्रांसफर पोस्टिंग में पैसे खाए। साथ ही ऋण वितरण और ऋण वसूली में भी अनियमितताएं की। इसकी उन्होंने राज्य सरकार को शिकायत की थी। इसकी अतिरिक्त रजिस्ट्रार दुर्गालाल बलाई की जांच में इन्हें दोषी पाया गया था। इनके खिलाफ एसीबी से जांच कराए जाने की सिफारिश की जा चुकी है।

नदबई के स्वयं सहायता समूहों को बांटे लोन में भी थी गड़बड़ी की शिकायतें

भऱतपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (सीसीबी) की नदबई शाखा से स्वयं सहायता समूहों को बांटे गए लोन में भी गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। बैंक के चेयरमैन भीम सिंह ने खुद शिकायत करके बैंक के करीब 50 लाख रुपए डूबने का आरोप लगाया था। उन्होंंने इसकी एसीबी से जांच कराए जाने की जरूरत भी बताई थी।

चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग के हस्तक्षेप के बाद ही किसानों को बांटने शुरू किए लोन

किसानों को जब समय पर फसली कर्जे नहीं मिले तो चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने करीब डेढ़-दो महीने पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की वीडियो कांफ्रेंसिंग में यह मुद्दा उठाया और किसानों को फसली कर्जे वितरित करने की मांग की थी। इस पर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने भरतपुर के किसानों को फसली कर्जे तो वितरित किए, लेकिन इसकी स्पीड काफी कम है।

ये है किसानों के साथ धोखाधड़ी का गणित

  • 78540 किसानों ने ऋण लिए
  • 35984 किसानों का दुर्घटना बीमा
  • 43146 किसानों का जीवन बीमा होना था
  • 35354 किसान जीवन बीमा से वंचित हुए
  • 42556 किसान दुर्घटना बीमा से वंचित हुए

स्रोतः केंद्रीय सहकारी बैंक