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  • Both Doses Of The Vaccine Were In Place; Overconfident And Negligently Positive, Kept Himself Busy In Isolation, Won The Battle With Corona

जन संकल्प से हारेगा कोरोना:वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थी; ओवर कॉन्फिडेंस और लापरवाही से पॉजिटिव हुए, आईसालेशन में खुद को व्यस्त रखा, जीत ली कोरोना से जंग

भरतपुरएक महीने पहले
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  • गंभीर संक्रमण होने के बावजूद अपनी इच्छाशक्ति से कोरोना को हराने वाले जांबाजों की कहानियां, पढ़िए आज दसवीं कड़ी में डाॅ. प्रदीप डागुर/ डाॅ. डिंपल की कहानी।

फ्रंटलाइन वर्कर होने के कारण हमें वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थीं। गत 7 अप्रैल को हमारे दादाजी का निधन हुआ तो गांव गए। हालांकि वहां हमने कोरोना प्रोटाकॉल का पूरी तरह पालन किया। श्रद्धांजलि देने वालों के लिए भी मास्क/सेनेटाइजर रखवाए। लेकिन, कुछ लोग लापरवाह थे। वैक्सीनेशन के कारण हम भी ओवर कॉन्फिडेंस में थे। इसलिए थोड़ी लापरवाही हो गई।

इस दौरान डाॅ. डिंपल को थोड़ी परेशानी हुई। जांच कराई तो 23 अप्रैल को टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। वह आइसोलेट हा़े गईं। इसी दौरान मुझे भी चक्कर आने और हल्के बुखार की शिकायत हुई। इसके बावजूद मैंने दो दिन तक अपना रुटीन जारी रखा। मेरी यह लापरवाही थी। फलस्वरूप मुझे टेस्ट और सुगंध आना बंद हा़े गया। कमजोरी आ गई। मेरी भी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव थी। मेरा ऑक्सीजन लेवल 90 पर पहुंच गया।

मैंने तुरंत खुद को आइसोलेट किया। दवाएं लेनी शुरू कीं और बीमारी हावी नहीं हा़े इसके लिए खुद को व्यस्त रखा। क्योंकि इसमें एक्टिव रहना बहुत जरूरी है। इसलिए सुबह-शाम योग किया। पॉजिटिव थिंकिंग देने वाली किताबें पढ़ी और लेखन किया। ताकि दिल-दिमाग व्यस्त रहें। किसी तरह की नेगेटिविटी नहीं आए। चूंकि कोरोना रोगी का स्वाद चला जाता है। इसलिए भूख भी नहीं लगती। लेकिन, हमने दिन में तीन बार हाई प्रोटीन फूड लिया।

गाय का दूध, शहद, लहसुन, च्यवनप्राश आदि लिया। जिंक और विटामिन-सी युक्त चीजें लीं। दिन में 3 से 4 लीटर पानी पिया। प्रोनिंग और डीप ब्रीथिंग की। जिससे ऑक्सीजन लेवल सामान्य बना रहे। एक-दूसरे को विश्वास दिलाया कि कोविड की मृत्यु दर एक प्रतिशत से भी कम है। 5 से 7 प्रतिशत मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है।

हम इस केटेगरी में तो नहीं हैं। इसलिए हमारा कहना है कि कोरोना को हल्के में नहीं लेना चाहिए। लेकिन, डरना भी नहीं है। क्योंंकि डर से ही हालात बिगड़ते हैं। वैक्सीन लग भी गई हैं तो गाइडलाइन का पालन कीजिए। दिल-दिमाग को सकारात्मक और व्यस्त रखिए।

एक्सपर्ट व्यू... गुनगुना पानी लेने से फेफड़े मजबूत होते हैं

नेचुराेपैथी चिकित्सक वीरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि कोरोना में पानी का बहुत अधिक महत्व है। साफ और ताजा गुनगुना पानी गले में कफ को बनने से रोकता है। इस दौरान करीब 3 लीटर पानी रोजाना पीना चाहिए। पानी शरीर की सफाई करता है।

शरीर में पोटेशियम, जिंक,सोडियम की कमी नहीं आने देता है। हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखता है। पानी में थोड़ा नींबू डालकर गुनगुना पीना चाहिए। गुनगुना पानी गले की सफाई कर फेफड़ों को मजबूत बनाता है। ऑक्सीजन लेवल को बनाए रखने में मदद करता है।

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