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10 हज़ार की रिश्वत लेता ASI गिरफ्तार:ट्रेक्टर ट्रॉली छोड़ने और ड्राइवर की जमानत लेने के एवज में मांगी रिश्वत, ACB ने रंगे हाथों पकड़ा

रूपवास, भरतपुरएक महीने पहले
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गिरफ्त में घूसखोर ASI  - Dainik Bhaskar
गिरफ्त में घूसखोर ASI 

भरतपुर की ACB टीम ने शुक्रवार को रूपवास थाने के एक ASI को 10 हज़ार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। घूसखोर ASI विनोद कुमार आर्म्स एक्ट में जब्त ट्रेक्टर ट्रॉली को छोड़ने और ट्रेक्टर के चालक की जमानत लेने की एवज में रिश्वत मांग रहा था। जिस पर परिवादी ने भरतपुर ACB में इसकी शिकायत की थी।

परिवादी धीरेन्द्र ने बताया की उसकी ट्रैक्टर ट्रॉली आर्म्स एक्ट के मामले में काफी समय से रूपवास थाने में जब्त थी जिसको छुड़वाने के लिए परिवादी काफी समय से थाने के चक्कर काट रहा था। वह ASI विनोद से मिला और विनोद ने उसके काम के बदले उससे 20 हज़ार रुपए की रिश्वत की मांग की।

दो बार में 10-10 हजार रुपए लेना तय हुआ था

इसकी शिकायत उसने एसीबी से कर दी। एसीबी ने जांच में मामला सही पाया। एसीबी के कहने पर परिवादी ने विनोदी को पहले 10 हजार रुपए देने के लिए कहा जिस पर वह मान गया। परिवादी धीरेंद्र रिश्वत की पहली किस्त 10 हज़ार रपए लेकर थाने में ASI के कमरे में पहुंचा और ASI के बेड पर बिछी चादर के नीचे पैसे रख आया। तभी ACB ने छापा मारा और ASI के कमरे से 10 हज़ार रुपये की राशि बरामद कर ली तथा उसे गिरफ्तार कर लिया।

गांव कैंथरी निवासी परिवादी धीरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया, मेरा ट्रैक्टर बजरी में चलता था। जिसकी एवज में थाने के टीआई को हर माह तीन हजार रुपये मासिक दिए जाते हैं। थानाधिकारी द्वारा पैसे उगाई के लिए किसी भी अपने चहेते पुलिसकर्मी को उगाई का चार्ज दिया जाता है उसे टीआई कहते हैं।

मेरे ट्रेक्टर ट्रॉली ने रूपवास थाना इलाक़े के गांव जरैला के पास 10 जनवरी 2021 को रोडवेज बस में टक्कर मार दी और चालक ने ट्रैक्टर ट्राली को भगाने का प्रयास किया जिस पर पुलिस के जवानो ने ट्रेक्टर ट्रॉली को घेरकर फायरिंग करते हुए टायर को फोड़ दिया और ट्रेक्टर चालक और धीरेंद्र पर राजकाज में बाधा, आर्म्स एक्ट में कट्टा बरामद करना और जानलेवा हमला करने का झूठा मुकदमा दर्ज कर ट्रेक्टर ट्रॉली को जब्त कर लिया। उस मामले की तफ्तीश ASI विनोद कुमार कर रहे थे।

ASI विनोद कुमार ने अभी तक 5 महीने में 40 हज़ार रुपये ले लिए थे, लेकिन ट्रेक्टर को नहीं छोड़ा। इसके अलावा और पैसे देने की डिमांड कर ने लगे जिसके बाद 20 हज़ार और देना तय हुआ जिसमें से 10 हज़ार रुपये आज दिए जाने थे। शिकायत के बाद आज ACB ने ASI विनोद को ट्रैप कर लिया।

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