हिंदी साहित्य समिति की होनी थी नीलामी:लेकिन नहीं पहुंचा कोई खरीददार, दो कर्मचारी ने 17 साल की सैलरी पाने के लिए किया है केस

भरतपुर9 दिन पहले
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नहीं पहुंचा कोई भी व्यक्ति नील - Dainik Bhaskar
नहीं पहुंचा कोई भी व्यक्ति नील

भरतपुर की हिंदी साहित्य समिति के दो कर्मचारियों को उनकी तनख्वाह नहीं देने के चलते कोर्ट ने आज हिंदी साहित्य समिति की नीलामी के आदेश दिए। लेकिन नीलामी में लोग पूरे नहीं आने के कारण हिंदी साहित्य समिति की नीलामी नहीं हो पाई। दो कर्मचारियों को मई 2003 से तनख्वाह नहीं दी गई है।

जिसके बाद आज साल 2003 से साल 2019 तक हिंदी साहित्य समिति के एक भाग को नीलाम कर उन्हें उनकी तनख्वाह दिलाने के आदेश दिए। दोनों कर्मचारी दाऊदयाल लाइब्रेरियन और त्रिलोकी नाथ क्लर्क ने बताया की उनकी साल 2003 मई महीने से तनख्वाह नहीं आई है। इसके लिए दोनों कर्मचारियों ने अधिकारियों से शिकायत की, मंत्रियों को ज्ञापन दिए लेकिन जब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो दोनों ने मिलकर साल 2008 में हाईकोर्ट में केस कर दिया।

फ़रवरी 2014 में केस को भरतपुर की सिविल कोर्ट में आया जिस पर कोर्ट ने साल 2019 में हिंदी साहित्य समिति की कुर्की के आदेश निकाले। कुर्की के बाद हिंदी साहित्य समिति को नीलाम करने की कार्रवाई की गई लेकिन कोई भी बोली लगाने वाला व्यक्ति नहीं पहुंचा जिसके कारण हिंदी साहित्य समिति नीलाम नहीं हो सकी।

आज फिर से कोर्ट ने दोनों कर्मचारियों को साल 2003 से साल 2019 तक की तनख्वाह की राशि दिलाने के लिए नीलामी रखी, लेकिन आज सिर्फ एक व्यक्ति पहुंचा वह भी नीलामी की 25 प्रतिशत राशि जमा करवाने को तैयार नहीं था जिसके कारण नीलामी को भी स्थगित कर दिया गया।