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धर्म-समाज:फसल बुवाई पर्व और हलहारिणी अमावस्या कल, अब बन रहा बरसात का सिस्टम

भरतपुरएक महीने पहले
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फसल बुवाई पर्व और हलहारिणी अमावस्या 9 जुलाई को है। इसे वर्षा ऋतु की शुरुआत के साथ ही फसल की बुआई के लिए उत्तम माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ कृषि उपकरण हल की भी पूजा की जाती है। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है। उस दिन व्याघात नामक योग भी बन रहा है।

यह दिन विशेष रूप से स्नान-दान और तर्पण के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन पितरों के श्राद्ध कर्म करने की भी परंपरा है। इसलिए पवित्र नदियों में स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देकर पितरों का तर्पण करें। जरूरतमंदों को दान करें।

गुप्त नवरात्रि और रवि पुष्य योग का शुभ संयोग

11 जुलाई से रवि पुष्य नक्षत्र में गुप्त नवरात्रि शुरू हो रही है। इस बार यह नवरात्रि आठ दिन की होगी। एक दिन कम होने की वजह चतुर्थी और पंचमी तिथि एक ही हैं। नवरात्रि भड़ल्या नवमी 18 जुलाई को समाप्त हो जाएगी। शास्त्रों में इस नवरात्रि का विशेष महत्व है। क्योंकि इसमें माता की आराधना, अनुष्ठान करने से कष्ट, क्लेश, रोगों से मुक्ति मिलती है।

पं. चंद्रप्रकाश व्यास ने बताया कि अमावस्या तिथि 9 जुलाई को सुबह 5.18 बजे से शुरू होकर 10 जुलाई को सुबह 6.45 बजे तक रहेगी। इससे पहले 5.49 बजे सूर्योदय हो जाएगा, इसलिए उस दिन शनिश्चरी अमावस्या भी रहेगी। यह दान-पुण्य के लिए शुभ है। पितृदोष, कालसर्प दोष की शांति, बाधा निवारण के लिए यह अमावस्या बहुत श्रेष्ठ है। यदि किसी का अनिष्ट काल चल रहा है तो व्याघात योग में शांति कराना ज्यादा लाभप्रद होता है।

9 जुलाई से पूर्वी राजस्थान के कोटा, जयपुर उदयपुर, भरतपुर, अजमेर संभाग के जिलों में बारिश की गतिविधियों में होगी बढ़ोतरी तथा 10 जुलाई को पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल है। बीकानेर संभाग के गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर व चूरू जिलों में 11 से 13 जुलाई के बीच मानसून के पहुंचने की संभावना है। 11 से 15 जुलाई के दौरान ज्यादातर स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है। जोधपुर संभाग के जिलों में भी 11 से 13 जुलाई के दौरान मानसून के पहुंचने की संभावना है।
राधेश्याम शर्मा, मौसम केंद्र जयपुर

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