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बेटी ने किया पिता का अंतिम संस्कार:बेटा नहीं था तो तीन बेटियों ने कंधा देकर पिता को श्मशान तक पहुंचाया, यूरोप से लौटी सबसे छोटी बेटी ने दी मुखाग्नि

भरतपुर23 दिन पहले
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पिता के अंतिम संस्कार करती छोटी बेटी शैलजा। - Dainik Bhaskar
पिता के अंतिम संस्कार करती छोटी बेटी शैलजा।

भरतपुर के इलैक्ट्रिसिटी बोर्ड में काम करने वाले प्रेम शंकर शर्मा का शनिवार को निधन हो गया। उनकी बेटियों ने कंधा देकर पिता को श्मशान तक पहुंचाया। इसके बाद छोटी बेटी शैलजा ने उन्हें मुखाग्नि दी। क्योंकि प्रेम शंकर शर्मा के कोई भी बेटा नहीं था। इसलिए उनकी बेटियों ने ही उनके बेटे होने का फर्ज निभाया। प्रेम शंकर की बड़ी बेटी श्वेता ने बताया की उनके पिता को स्टोन था। इसलिए उन्होंने इसका ऑपरेशन 19 अप्रैल को आगरा में करवाया। इस दौरान उनको कोरोना का इंफेक्शन हो गया। जिसके कारण उनकी मौत हो गई।

इस बारे में जब उनकी बड़ी श्वेता से बात की तो उन्होंने बताया की उनके पिता प्रेम शंकर शर्मा भरतपुर के बिजली विभाग में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर तैनात थे। करीब 32 साल पहले वह बांसवाड़ा के बिजली विभाग में तैनात थे। जहां उनका एक्सीडेंट हो गया था। इस दुर्घटना में उनका ब्रेन डैमेज हो गया था। जिसके चलते वे कुछ दिन कोमा में भी रहे। इसके बाद अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में इलाज करवाया। यहां करीब 2 महीने के बाद वे रिकवर हुए। इस दुर्घटना के बाद उन्होंने अपना ट्रांसफर भरतपुर के बिजली विभाग में करवा लिया था।

मां ने तीनों बेटियों का पाला

परिवार ने बताया कि घटना के बाद अपनी तीनों बेटियों की पूरी परवरिश मां वीना शर्मा ने ही की। पति प्रेम शंकर शर्मा को इस लायक बनाया की वह अपना काम स्वयं कर सकें।

मां का एक साल पहले हुआ था निधन

प्रेम शंकर मूलत मथुरा जिले राया अमदुआ के रहने वाले हैं। प्रेम शंकर की बेटी श्वेता और तनु की शादी हो चुकी है। सबसे छोटी बेटी शैलजा यूरोप में नौकरी करती है। शैलजा अपने पिता के काफी करीब थी, इसलिए शैलजा ने ही अपने पिता को मुखाग्नि दी। इसके अलावा शैलजा की मा वीणा शर्मा का निधन पिछले साल हुआ था तब भी तीनों बेटियों ने ही अपने मां को मुखाग्नि दी थी।

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