अब 11 को मामले में प्रसंज्ञान लेगा कोर्ट:यौन उत्पीड़न के आरोपी कर्मचारी की पॉलिग्राफी अर्जी पर बहस हुई

भरतपुर19 दिन पहले
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किशोर से यौन उत्पीड़न के  आरोपी कोर्ट कर्मचारी की पॉलिग्राफी  टेस्ट कराने की अर्जी पर गुरुवार को बहस हुई। - Dainik Bhaskar
किशोर से यौन उत्पीड़न के  आरोपी कोर्ट कर्मचारी की पॉलिग्राफी  टेस्ट कराने की अर्जी पर गुरुवार को बहस हुई।

किशोर से यौन उत्पीड़न के आरोपी कोर्ट कर्मचारी की पॉलिग्राफी टेस्ट कराने की अर्जी पर गुरुवार को बहस हुई। जिसमें आरोपी ने सच्चाई सामने लाने के लिए टेस्ट कराए जाने की मांग की। लोक अभियोजक ने इसका विरोध किया। दूसरी ओर कोर्ट ने इस केस पर प्रसंज्ञान के लिए अगली तारीख दे दी। न्यायिक अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा यौन उत्पीड़न के मामले में कोर्ट कर्मचारी अंशुल सोनी की ओर से पॉलिग्राफी टेस्ट कराए जाने की अर्जी पेश की गई थी।

पोक्सो अधिनियम के विशेष न्यायालय संख्या एक की जज दीपा गुर्जर ने बहस सुनी। सोनी के अधिवक्ता विवेक हथैनी के अनुसार आरोपी डिफेंस पेश करना चाहता है। वह चाहता है कि न्यायालय उसकी सच्चाई को देखे। इससे कोई प्रीज्यूडीशियस नहीं होगा। घटना का सच सामने आ सकेगा। इसे कराने से किसी को कोई नुकसान नहीं है। यदि रिपोर्ट उसके खिलाफ आएगी तो उसे सजा होगी।

आरोपी जेल में है, ऐसे में ट्रायल में देरी का उसे कोई लाभ नहीं मिलेगा। परिवादीया के अधिवक्ता नौनिहाल सिंह डागुर ने कहा कि आरोपी का टेस्ट कराने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। विशेष लोक अभियोजक तरुण जैन ने विरोध करते हुए दलील दी कि टेस्ट कराने की कोई जरूरत नहीं है। एविडेंस के समय यह देखा जाएगा कि पॉलिग्राफी टेस्ट की जरूरत है या नहीं। इस मामले में प्रसंज्ञान 11 को होगा।

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