आयुर्वेद विभाग ने सर्वे रिपोर्ट में किया दावा:काढ़े और अश्वगंधा चूर्ण से 58 फीसदी पॉजिटिव 7 दिन में संक्रमण मुक्त

भरतपुरएक वर्ष पहले
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  • 5 से 30 जून तक 234 कोरोना मरीजों का आयुर्वेदिक पद्धति से किया उपचार

योग गुरु बाबा रामदेव की कोरोनिल दवा के विवाद  के बीच भरतपुर में आयुर्वेद के काढ़े के परिणाम काफी उत्साहजनक आए हैं। विभाग का दावा है कि 58 फीसदी रोगी 7 दिन में काढ़ा पीने से नेगेटिव हो गए।  इस संबंध में आयुर्वेद विभाग ने सर्वे रिपोर्ट बनाई है, जिसे प्रभारी वैद्य चंद्रप्रकाश दीक्षित ने संयुक्त निदेशक को प्रस्तुत की है।

इसमें कहा गया है कि 5 से 30 जून तक 234 कोरोना पॉजिटिव को आयुर्वेद काढ़ा और अश्वगंधा चूर्ण का सेवन कराया गया। फलस्वरूप 29 लोग 4 दिन में तथा 109 रोगी 7 दिन में नेगेटिव हुए। इसके अलावा 94 रोगी 10 दिन में नेगेटिव हुए। शेष दो को पेट दर्द की शिकायत पर आरबीएम में भर्ती कराया गया।

आयुर्वेद विभाग को त्रिरत्न धम्म आंबेडकर छात्रावास में 175 और अनुसूचित महिला छात्रावास पुष्पवाटिका छात्रावास में भर्ती 59 पाजीटिव काे सिर्फ आयुर्वेद काढ़ा और अश्वगंधा चूर्ण पर रखा गया। यानी इन्हें एलोपैथी दवाएं नहीं दी गईं। इन दोनों सेंटरों की रिकवरी रेट 7 दिन में 58 फीसदी और शेष 40 फीसदी 10 दिन में नेगेटिव होने की रही है।

केवल दो को कोविड केयर सेंटर से वार्ड में शिफ्ट किया गया। वहीं, आरबीएम हाॅस्पिटल में 8 मई से तथा महिला पॉलिटेक्निक कोविड सेंटर में लगातार सुबह-शाम काढ़ा पिलाया जा रहा है। इसके अलावा योग एवं व्यायाम कराया जा रहा है। विभाग का दावा है कि इससे तेजी से रोगी नेगेटिव हो रहे हैं।

वैद्य चंद्रप्रकाश दीक्षित का कहना है कि हमें काढ़े को इम्युनिटी बढ़ाने तक सीमित नहीं रखकर इसके चिकित्सकीय परिणामों पर भी विचार कर महत्व दिए जाने पर चर्चा करनी चाहिए। इसके अलावा आयुर्वेद विभाग द्वारा विभिन्न विभागों में भी आयुर्वेद काढ़ा पिलाने का अभियान चलाया जा रहा है।

संक्रमण और इम्युनिटी में लाभकारी

काढ़े की औषधियां एंटी बैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटी फंगल, एवं एन्टी ऑक्सीडेंट हैं, जो व्यक्ति को स्वस्थ रखने, इम्युनिटी बढ़ाने एवं रोग के लक्षण को दूर करने में मदद करती हैं। इसमें वासा, कंटकारी, तालीसपत्र, मधुयष्टि, तुलसीपंचांग गले एवं श्वसन तंत्र में होने वाले रोगों में लाभकारी है। वहीं चिरायता, गिलोय, पीपल और भारंगी ज्वर नाशक है। साथ ही हरिद्रा,  तुलसी,  कालीमिर्च, लौंग, सौंठ संक्रमण से बचाव और ठीक करने में मदद करते हैं। इसी तरह, मुनक्का, अश्वगंधा चूर्ण,  दालचीनी आदि इम्युनिटी बढ़ाती हैं।

आयुर्वेद काढ़ा  और अश्वगंधा के हैं बेहतर परिणाम : डीडी

आयुर्वेद क्वाथ और अश्वगंधा चूर्ण के बेहतर परिणाम आए हैं। अधिकांश रोगी 4 से 10 दिन में स्वस्थ्य हो गए। औषधियां कोरोना की दवा नहीं हैं, लेकिन लक्षणों को समाप्त करने और इम्युनिटी बढ़ाने में लाभकारी हैं। अब सभी रोगियों को क्वाथ और चूर्ण दे रहे हैं।

डॉ. निरंजनसिंह, उपनिदेशक, आयुर्वेद विभाग

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