खस्ताहाल सड़कों का खामियाजा उठा रही रोडवेज:रोडवेज बसों और 5 हजार यात्रियों को जख्म दे रहे भरतपुर-अलवर मार्ग के गहरे गड्‌ढे

भरतपुर2 महीने पहले
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क्षतिग्रस्त अलवर-भरतपुर रोड से गुजरती बस। - Dainik Bhaskar
क्षतिग्रस्त अलवर-भरतपुर रोड से गुजरती बस।

भरतपुर जिले में खस्ताहाल सड़कों का खामियाजा आम जनता को ही नहीं बल्कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के लोहागढ़, भरतपुर और अलवर आगार को भी भुगतान पड़ रहा है। इससे इन आगारों की बसें आए दिन खराब हो रही है, जिससे रोडवेज के राजस्व का नुकसान हो रहा है। साथ ही सफर करने वाले यात्रियों को भी गड्ढों और धूल की वजह से सांस संबंधी बीमारी उत्पन्न हो रही है।

वहीं गड्ढों की वजह से बीमारियां उत्पन्न होने पर कई चालक-परिचालकों ने इस रूट पर चलना ही छोड़ दिया। वहीं समय से बस उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों को घंटों बस स्टैंड पर इंतजार करना पड़ रहा है। गड्ढों की वजह से 117 किमी के सफर में 2.30 घंटे के बजाए 3 से 3.30 घंटे लग रहे हैं। रविवार को भी लोहागढ़ आगार की बस अलवर से भरतपुर आते समय सहजपुर टोल प्लाजा पर ब्रेक डाउन हो गई। इसमें 50 से अधिक यात्री सवार थे।

करीब 117 किमी लंबे भरतपुर-अलवर मार्ग पर राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के लोहागढ़ की 11, भरतपुर की 09 और अलवर आगार की करीब 20 बसें रोजाना संचालित होती हैं। इन बसों से तकरीबन रोज 5 हजार यात्री सफर करते हैं। इनके अलावा अन्य आगारों की भी बसें इस मार्गों से होकर गुजरती हैं सामान्यत: इस मार्ग पर रोडवेज बस से अलवर की दूरी 2.30 घंटे में तय हो जाती है, लेकिन अब बसें 3-3.30 घंटे का समय ले रही हैं।

इसका मुख्य कारण इस मार्ग पर दो-दो फुट गहरे गड्ढे हैं। जर्जर सड़कों से आगार की बसों का डीजल औसत गड़बड़ाने लगा है। स्थिति यह है जो बस जयपुर रूट पर प्रति लीटर 5 से साढे पांच किलोमीटर चलती है, वहीं बस अलवर मार्ग पर गड्ढों की वजह से एक लीटर में महज साढ़े चार किमी ही दौड़ रही हैं। सफर के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही से उठने वाले धूल के गुबार और गड्ढों की वजह से यात्रियों को मुंह पर कपड़ा रखना पड़ता है अथवा शीशे लगाने को मजबूर हो जाते हैं।

गड्ढों की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। बस, ट्रक और छोटे चार पहिया वाहन एक तरफ झुक जाते हैं जिससे उनके पलटने की आशंका बनी रहती है। आए दिन यात्री बस खराब भी हो रही हैं, जिससे यात्रियों को कई घंटों तक बीच सफर में ही रहना पड़ता है जब यात्री बस सही होने अथवा अन्य साधन मिलने पर ही यात्री मंजिल तक पहुंच पाते हैं।

गड्‌ढों की वजह से बसों की टूट रही कमानी, टायर भी फट रहे
रोडवेज अफसरों के अनुसार सड़क में गहरे गड्ढे होने की वजह से बसों में रोजाना हजारों रुपए का नुकसान हो रहा है। भरतपुर-अलवर रूट पर चलने वाली बसों में आए दिन कमानी टूटने, टायर फटने पंक्चर होने, घिसने, रबड़ उतरने, नट-बोल्ट निकलने, बस का शीशा चटकने आदि अन्य तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसी वजह से बस में मेंटनेंस किए जाने की वजह से यात्रियों को समय पर बसें उपलब्ध नहीं हो पाती हैं।

स्लिप डिस्क और श्वास संबंधी बीमारियां देती है गड्‌ढयुक्त सड़कें : डॉक्टरों का मानना है कि सड़क के गड्ढों के कारण अचानक कमर पर झटका लगने से स्लिप डिस्क की समस्या हो सकती है। जबकि वाहन चलाते समय गर्दन में झटका लगने से सर्वाइकल की समस्या हो सकती है। अस्पताल आने वाले मरीजों में 20 से 25 प्रतिशत लोग सर्वाइकल की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं इस मार्ग पर चलने वाले कई चालक और परिचालकों को भी गड्ढों की वजह से स्लिप डिस्क और श्वास संबंधी बीमारी उत्पन्न हो चुकी है, जिसकी वजह से उन्होंने इस रूट पर ही चलना छोड़ दिया।

अलवर मार्ग पर रोजाना 8800 रुपए का टोल देती हैं बसें
भरतपुर-अलवर मार्ग पर महाराजसर, पानौरी, मौराका और रूढ़आ पूथ टोल प्लाजा पड़ते हैं। इन टोल पर प्रत्येक बस से हर फेरे का 110 रुपए वसूला जाता है। रोडवेज अफसरों के अनुसार रोजाना यहां होकर रोडवेज की करीब 40 बसें गुजरती है। ये सभी बसें दो फेरे लगाती हैं। इस हिसाब से ये बसें रोजाना 8800 रुपए का टोल अदा करती हैं। इसके बाद भी सड़कों की खस्ता हाल है।

अफसरों, जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण नहीं हो रहा सड़क का पेचवर्क
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते भरतपुर-अलवर मार्ग काफी लंबे समय से जर्जर हालत में है। क्षेत्रीय लोगों ने कई बार विभागीय अधिकारियों, विधायक और सांसद को भी समस्या से अवगत कराया लेकिन, इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

बसों में हो रहा नुकसान, यात्रीभार और डीजल औसत में आ रही कमी
भरतपुर-अलवर मार्ग पिछले काफी समय से जर्जर हाल में है। सड़क में काफी गहरे गड्ढे है। इस वजह से आए दिन बसों में खराबी आ रही है। इसके अलावा अन्य रूट की अपेक्षा इस मार्ग पर डीजल औसत कम आने से राजस्व का नुकसान हो रहा है। -मनोज कुमार बंसल, मुख्य प्रबंधक, भरतपुर आगार

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