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धर्म-समाज:घरों में ही अता की गई ईद की नमाज, कुर्बानी की रस्म भी निभाई

भरतपुर12 दिन पहले
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भरतपुर. मस्जिद में नमाज अता करते अकीदतमंद। - Dainik Bhaskar
भरतपुर. मस्जिद में नमाज अता करते अकीदतमंद।
  • कोरोना गाइड लाइन की वजह से मस्जिदों में नहीं दिया ज्यादा लोगों को प्रवेश

शहर में बुधवार को ईदुल जुहा मनाया गया। कोरोना संक्रमण की वजह से सोशल डिस्टेंस के साथ मस्जिदों में सीमित संख्या में प्रवेश दिया गया। भीड़ को रोकने के लिए मस्जिदों और इबादतगाहों के बाहर पुलिस जाब्ता भी तैनात किया गया था। इसलिए ज्यादातर लोगों ने घरों में ही ईद अल अजहा की नमाज अता की। इस दौरान कुर्बानी की रस्म भी निभाई गई।

इसके बाद पड़ोसियों, दोस्तों और रिश्तेदारों को तबर्रुख बांटा गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकवाद दी। इस दौरान शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में उत्साह और उल्लास का माहौल था। दावतों का दौर देर रात तक चला।

मथुरा गेट स्थित शमशेर बहादुर मस्जिद के मौलाना अब्दुल सलाम ने बताया कि मस्जिद में सामूहिक नमाज नहीं हुई। अब एक माह बाद मोहर्रम आएगा। पिछले दिनों कोरोनाकाल के कारण शादियां टालनी पड़ी थीं। इसलिए अब अगले माह शादियों की धूम रहेगी।

इधर, चातुर्मास शुरू, अब 15 नवंबर तक आध्यात्म पर रहेगा जाेर

बुधवार को चातुर्मास भी शुरू हा़े गया। हिंदुओं में मान्यता है कि इन 4 महीनों में भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं। इस दौरान वे क्षीर सागर में अनंत शैय्या पर शयन करते हैं। इसलिए इन चार महीनों में शुभ काम नहीं होते। उसके बाद कार्तिक महीने में शुक्लपक्ष की एकादशी पर भगवान योग निद्रा से जागते हैं। इस दिन को देव उठानी एकादशी भी कहा जाता है। हिंदू कैलेंडर में आषाढ़ महीने के आखिरी दिनों में चातुर्मास शुरू हो जाता है। जो कि सावन, भादों, अश्विन और कार्तिक महीने के आखिरी दिनों तक रहता है।

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