फुल चार्ज ETM चाहिए तो दीजिए 20 रुपए रिश्वत:​​​​​​​लोहागढ़ आगार में रोडवेज के कंडक्टर रोज दे रहे बाबू को घूस, नहीं दी तो बस रूट भी बदल सकते हैं

भरतपुर2 महीने पहले
ईटीएम शाखा के कर्मचारी को 10 का नोट थमाता कंडक्टर।

भरतपुर में रोडवेज के कंडक्टर को बस में टिकट काटने के लिए फुल चार्ज्ड ETM (Electronic Ticketing Machine) चाहिए तो 20 रुपए रिश्वत तो उसे देनी ही होगी। यह रिश्वत उसे किसी और को नहीं रोडवेज के ही बाबू को देनी होगी।

अब अपने ही विभाग के बाबू को रोज-रोज की रिश्वत देने से परेशान एक कर्मचारी ने इसका वीडियो बना लिया है। वीडियो सामने आने के बाद रोडवेज के जिम्मेदार कह रहे हैं कि इसको दिखवा रहे हैं और जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि जब तक वीडियो नहीं बनाया गया, तब तक किसी भी अधिकारी ने कोई एक्शन नहीं लिया।

यूं ली गई रिश्वत

वीडियो भरतपुर के लोहागढ़ आगार का है। इसमें एक बाबू कंडक्टर से ईटीएम चार्ज करके देने के लिए रिश्वत दे रहा है। यह वीडियो एक कंडक्टर ने बनाया है। रोडवेज के कर्मचारी कंडक्टर को चार्ज ईटीएम मशीन देने और मशीन में रूट सही देने के बदले 20 रुपए रिश्वत के देता है। इस 20 रुपए को भी दो कर्मचारियों को अलग-अलग देना होता है। यानी हर कंडक्टर से दो बाबू 10-10 रुपए लेते हैं। यह सब वीडियो में दिखाई दे रहा है। एक कंडक्टर जेब से 10 रुपए का नोट निकालता है और आगार कार्यालय में बैठे एक बाबू के हाथ में थमा देता है। बाबू नोट लेते ही अपने शर्ट की पॉकेट में रख लेता है।

पैसे नहीं तो चार्ज नहीं

यह वीडियो 3 दिन पहले का है। वीडियो को एक कंडक्टर ने ही बनाया है। जब वह ईटीएम शाखा के कर्मचारियों की रिश्वतखोरी से तंग आ गया तो उसने यह कदम उठाया। वीडियो बनाने वाले कंडक्टर ने बताया कि अगर ईटीएम शाखा के कर्मचारियों को पैसे नहीं देते तो वे या तो कर्म चार्ज मशीन पकड़ा देते हैं या बस के रूट को ठीक से सेट करके नहीं देते। ऐसे में कुछ दूरी पर जाने के बाद ही ईटीएम बंद हो जाती है। कई बार मशीन खराब दे दी जाती है। ऐसा होने पर यात्रियों को टिकट देने में परेशानी आती है।