पथैना हत्याकांड के 4 आरोपी फरार:पीड़ित बोला- 7 लोगों ने किया था पिता व भाइयों पर लाठी-सरियों से हमला

भरतपुर4 महीने पहले
हत्याकांड में शामिल मोहन सिंह और उसका नाबालिग बेटा। 3 बेटे और एक भाई फरार है।

भरतपुर जिले भुसावर थाना इलाके के पथैना गांव में 13 अक्टूबर की शाम 6 बजे ट्रिपल हत्याकांड में पुलिस बाकी के आरोपियों की तलाश कर रही है। हत्याकांड में शामिल 17 साल के नाबालिग को घटना के दिन ही डिटेन कर लिया गया था। उसके पिता मोहन सिंह (55) को भी घटना वाले दिन गिरफ्तार कर लिया गया था। एक आरोपी का जयपुर में इलाज चल रहा है। पुलिस जांच में अब सामने आया है कि विजेंद्र सिंह और उसके दो बेटों का मर्डर 7 लोगों ने मिलकर किया था।

भुसावर पुलिस को विजेंद्र के तीसरे बेटे यदुराज ने बताया कि हत्याकांड में शामिल अन्य 4 आरोपी अभी फरार हैं। मोहन सिंह के दूसरे बेटे धर्मेंद्र का पुलिस की निगरानी में जयपुर में इलाज चल रहा है। विजेंद्र, किशन और हेमू पर हमला करने वालों में मोहन सिंह, उसका भाई सुरेंद्र, मोहन सिंह के बेटे अरविंद, जितेंद्र, रविंद्र, धर्मेंद्र और एक नाबालिग बेटा शामिल थे। इनमें से नाबालिग डिटेन है, मोहन सिंह गिरफ्तार है व धर्मेंद्र अस्पताल में है। बाकी सुरेंद्र, अरविंद, जितेंद्र व रविंद्र फरार हैं।

यदुराज ने बताया कि पिता विजेंद्र और भाई हेमू व किशन बहन से हुई छेड़छाड़ की शिकायत करने मोहन सिंह के घर जा रहे थे। रास्ते में मोहन सिंह, सुरेंद्र, अरविन्द, जितेंद्र, धर्मेंद्र, रविंद्र व नाबालिग आरोपी ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। सातों लोगों ने लाठी सरियों से हमला कर उनका मर्डर कर दिया।

यदुराज राजस्थान पुलिस में भरतपुर में तैनात है। यदुराज ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों पर फायर किया था। एक गोली धर्मेंद्र के गले पर जा लगी। तब मोहन सिंह और उसके बेटे मौके से भागे। यदुराज ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी को भुसावर अस्पताल पहुंचाया। जहां से घायलों को भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया।

आरबीएम अस्पताल में विजेंद्र, हेमू और किशन को मृत घोषित कर दिया गया। यदुराज के सिर में चोट आई। उसे इलाज के लिए आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। दूसरे पक्ष से घायल धर्मेंद्र का इलाज जयपुर में चल रहा है।