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जिला प्रमुख चुनाव:जिला प्रमुख के लिए ऐनवक्त पर कामां की हलीमा को इसलिए मैदान में उतारा, क्योंकि कांग्रेसी मेंबर टूट रहे थे

भरतपुर19 दिन पहले
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भरतपुर.जीते हुए जिला परिषद सदस्यों को बस में बैठाकर लाते हुए। - Dainik Bhaskar
भरतपुर.जीते हुए जिला परिषद सदस्यों को बस में बैठाकर लाते हुए।
  • नगर विधायक वाजिब अली ने प्रदेश नेतृत्व को शिकायत की थी कि कांग्रेस के पांच जिला परिषद सदस्य क्रॉस वोटिंग करेंगे

जिला प्रमुख के चुनाव को लेकर कांग्रेस ने एक बार तो भाजपा को वॉकओवर ही दे दिया था। लेकिन, जब पता चला कि 5 सदस्य क्रॉस वोटिंग कर सकते तो ऐनवक्त पर कामां क्षेत्र की हलीमा को मैदान में उतारा गया। वह भी नगर विधायक वाजिब अली ने प्रदेश नेतृत्व को शिकायत की तब।

इसके बावजूद कांग्रेस के 5 लोग भाजपा के जगत को वोट डाल गए। जिला परिषद की 37 में से भाजपा को 17, कांग्रेस को 14 सीटें ही मिली थीं। जबकि 2 बसपा और 4 निर्दलीय जीते थे। जिला प्रमुख चुनाव में जगत सिंह को 28 वोट मिले। यानि उन्होंने भाजपा के 17 वोटों के अलावा 11 वोट और लिए। इनमें 2 बसपा, 4 निर्दलीय और 5 कांग्रेस के हैं।

इधर, कांग्रेस में वार्ड संख्या 9 से जीते भारत सिंह गादोली काफी समय से खुद को जिला प्रमुख का प्रत्याशी मानकर चल रहे थे। लेकिन, कांग्रेस ने उन्हें मौका नहीं दिया। बल्कि प्रदेश नेतृत्व से शिकायत होने के बाद हलीमा को मैदान मेंं उतार दिया गया। जबकि उनका नाम बिलकुल चर्चा में नहीं था।

हलीमा को कामां विधायक जाहिदा खान का करीबी माना जाता है। इधर, पूर्व विदेश मंत्री नटवरसिंह के पुत्र जगतसिंह केवल 23 दिन के राजनीतिक सफर में भाजपा के टिकट पर जिला प्रमुख बनने में कामयाब हा़े गए। पूर्व विधायक जगतसिंह ने 14 अगस्त को भाजपा ज्वाइन की थी। जबकि वे बसपा के टिकट पर अलवर के रामगढ़ में हाल का विधानसभा उप चुनाव हार गए थे।

जिला परिषद में होता है 500 करोड़ रुपए तक बजट
जिला परिषद में साल भर में विभिन्न योजनाओं से 500 करोड़ रुपए तक खर्च करने का अधिकार होता है। ग्रामीण इलाकों में विकास के लगभग सभी विकास कार्य जिला परिषद के माध्यम से होता है। पूर्व जिला प्रमुख बीना सिंह ने बताया कि विकास कार्य के लिए विभिन्न कमेटियां होती है, लेकिन अधिकांश में जिला कलेक्टर अध्यक्ष होते हैं। इसलिए जिला प्रमुख के पास सीधे तौर 5-7 करोड़ रुपए ही खर्च करने का अधिकार होता है।

भरतपुर में सबसे अधिक फंड डिस्ट्रिक मिनरल्स फाउंडेशन ट्रस्ट में करीब 50 करोड़ रुपए है। इसके अलावा चारागाह, बंजर भूमि, रिक्त भूमि, गोचर भूमि का प्रबंध पंचायत को साैंपने, उच्च प्राथमिक स्कूलां की स्थापना, ग्रामीण सड़के, भवन निर्माण आदि के विकास कार्य करा सकते हैं। आपदा में एक साल में एक लाख रुपए तक सहायता दे सकते हैं। अधिकारी सीईओ और डीईओ के साथ प्रशासनिक निर्देश दे सकेंगे।

वार्ड 9 से जीते कांग्रेस पार्षद ने लगाए विधायकों और मंत्री पर घालमेल करने के आराेप
इधर, कांग्रेस के टिकट पर वार्ड-9 से जीते भारतसिंह गादोली ने मंत्री एवं विधायकों पर जिला प्रमुख चुनाव में घालमेल करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुझे पार्टी नेताओं ने जिला प्रमुख प्रत्याशी बनाने का भरोसा दिया था। उसके लिए पर्याप्त संख्या में कांग्रेस सदस्य भी साथ थे। लेकिन, पार्टी के मंत्री/विधायकाें ने अपने परिजनों और चहेतों को प्रधान बनाने के लिए जिला प्रमुख का पद दांव पर लगा दिया। वे भाजपा से मिल गए। इसकी शिकायत पार्टी नेतृत्व को की जाएगी।

क्रॉस वोटिंग तय थी, क्योंकि जाहिदा ने भाजपा समर्थक को टिकट दिया थाः वाजिब

जिला प्रमुख चुनाव में क्रॉस वोटिंग होगी, यह तो तय था। क्योंकि कामां विधायक जाहिदा ने मेरे विधानसभा क्षेत्र नगर के वार्ड नंबर 2 में भाजपा समर्थक को टिकट दिया था। क्रॉस वोटिंग की आशंका से मैंने पहले ही प्रदेश नेतृत्व को अवगत करवा दिया था। अब इसकी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को भेजेंगे। जिन लोगों ने गद्दारी की है, उन पर सख्त कार्रवाई करवाने का पार्टी से अनुरोध करेंगे।
वाजिब अली, विधायक नगर

सरकार ने डराया, इसलिए खड़े नहीं हो पाए भाजपा प्रत्याशी: बेढम

भाजपा ने चुनाव जीतने की पूरी तैयारी की थी। लेकिन, कांग्रेस सरकार ने प्रत्याशियों को डराया-धमकाया। इसलिए कुछ स्थानों पर प्रधान के चुनाव में भाजपा अपने प्रत्याशी खड़े नहीं कर पाई। इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट मंगवा रहे हैं। क्रास वोटिंग करने वालों पर पार्टी कार्रवाई करेगी।
जवाहरसिंह बेढम, जिला संयाेजक, भाजपा

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