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गौरवशाली विरासत में लापरवाही का संक्रमण:1805 में अंग्रेजों को धूल चटाने वाला अनाह गेट पुरातत्व विभाग से हारा

भरतपुरएक महीने पहले
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अनाह गेट शहर के उन 10 ऐतिहासिक दरवाजों में से एक है। जहां सन 1805 में अंग्रेज सेना ने लाव लश्कर के साथ मोर्चा खोला था। उनकी तोप के गोले मिट्टी की ऊंची दीवारों में दफन हो गए। इस युद्ध में भरतपुर की जाट सेना ने अंग्रेजों को यही धूल चटाई थी। चूंकि यहां से अनाह गांव एक -डेढ़ किलोमीटर ही है इसलिए इसका नाम अनाह गेट रखा गया। पुरातत्व विभाग की लापरवाही से यह ऐतिहासिक गेट और यहां रखी तोप जर्जर होते जा रहे हैं। इसकी दुर्दशा देखकर पर्यटक भी निराश होकर लौटते हैं।

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