खुलासा:अनुजा विकास निगम में कैशियर ने 1.32 करोड़ रुपए का किया घपला, मां व रिश्तेदारों के खातों में जमा करवाए चेक

भरतपुर18 दिन पहले
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  • लीपापोती की कोशिश: कुल 59 लाख रुपए के गबन की सिर्फ दो एफआईआर दर्ज

अनुसूचित जाति-जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम में 1.32 करोड़ रुपए का घोटाला हो गया। निगम के ही कैशियर ने खुद, अपनी मां और 4 अन्य रिश्तेदारों के खातों में बिना बिल वाउचर के 25 चेक जमा करवाकर यह राशि ट्रांसफर कर ली। अब इसे अफसरों की मिलीभगत कहिए या लापरवाही कि परियोजना प्रबंधक से लेकर अकाउंटेंट तक आंख बंद करके राशि ट्रांसफर के पत्रों पर दस्तखत करते रहे।

यह मामला जब खुला तो लीपापोती करने के लिए कैशियर के खिलाफ सिर्फ दो एफआईआर 8.67 लाख रुपए व 50.48 लाख रुपए सहित कुल 59.16 लाख के गबन की एफआईआर पुलिस में दर्ज करवा दी। इसमें से 8.67 लाख रुपए के गबन के एक मामले में कैशियर अतुल कुमार फौजदार गिरफ्तार भी हो गया, लेकिन बाकी दोषियों को बचाया जा रहा है। यह 1.32 करोड़ रुपए की राशि अनुसूचित जाति-जनजाति के बेरोजगार युवाओं को दिए गए लोन की रिकवरी की थी। यह पैसा निगम के जयपुर मुख्यालय को जाना था, लेकिन बीच में ही घपला हो गया।

इन अफसरों को माना दोषी
विभागीय जांच में निगम की वर्तमान परियोजना प्रबंधक आरएएस भावना राघव गुर्जर, पूर्व परियोजना प्रबंधक पूरन सिंह और कनिष्ठ लेखाकार सुनील कुमार गुप्ता को भी दोषी मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। इन पर आरोप है कि इन्होंने बैंकों से राशि मिलान का काम नहीं किया। बल्कि गबन करने वाले कैशियर और उसके परिजन एवं रिश्तेदारों के खातों में राशि ट्रांसफर से संबंधित पत्रों पर हस्ताक्षर करते गए। इसीलिए कैशियर 1.32 करोड़ रुपए का गबन कर गया।

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