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  • In Colonies Settled On Agricultural Land, Up To 200 Square Yards, Rs 308 And For Land Above Rs 403 Per Square Yard, Regulation Fee Will Have To Be Paid.

प्रशासन शहरों के संग अभियान:कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में 200 वर्ग गज तक 308 रुपए और इससे ज्यादा भूमि के लिए ‌ 403 रुपए प्रति वर्ग गज की दर से देना होगा नियमन शुल्क

भरतपुर2 महीने पहले
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  • भरतपुर में कृषि भूमि पर बसी 58 कॉलोनियाें के 6500 भूखंडधारियों को मिल सकता है फायदा

प्रशासन शहरों के संग अभियान में नगर निगम मंदिर माफी और कोर्ट में उलझे विवादास्पद मामलों को छोड़कर सभी संपत्तियों के पट्टे जारी कर सकेगा। इस दौरान करीब 8500 पट्टे जारी करने का लक्ष्य है। इसके लिए अब तक 500 आवेदन आ चुके हैं। कृषि भूमि पर बने मकानों का पट्टा लेने के लिए नियमन शुल्क चुकाना पड़ेगा। इसमें खसरा मिलान नहीं होने पर सरकारी दर की 25 फीसदी राशि चुकानी हाेगी।

नगर निगम 1999 से पहले कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों का ले आउट प्लान भी बनवा रहा है। प्लान का अनुमोदन होने के बाद पट्टे जारी हाेंगे। इसके लिए आवेदन के साथ दो शपथ पत्र, क्षतिपूर्ति बंध पत्र, नई-पुरानी जमाबंदी, मिलान क्षेत्रफल, मालिकाना हक का दस्तावेज, साइट प्लान लगाना हाेगा। इसमें 200 वर्गगज से कम के लिए 308 रुपए प्रतिवर्ग गज और 200 से ज्यादा के लिए 403 रुपए प्रति वर्गगज का नियमन शुल्क लगेगा।

महापौर अभिजीत कुमार ने बताया कि सभी तरह के पट्टों से नगर निगम को करीब 6 करोड़ रुपए की आय होने की उम्मीद है। बहुमंजिला कॉॅम्प्लेक्स के लिए गाइडलाइन जल्द: शहरी क्षेत्रों में बहुमंजिला आवासीय काम्प्लेक्सों में रहने वाले लोगों को भी जल्द ही पट्टे मिल सकेगे। इसके लिए राज्य सरकार जल्द ही गाइडलाइन जारी करने वाली है। इसमें फ्लैट का पट्टा बन सकेगा।

वर्ष 1999 से पहले बसी कॉलोनी में 30 प्रतिशत सुविधा क्षेत्र पर भी होगा नियमन

17 जून 1999 से पहले बसी कॉलोनियों के लिए 70 फीसदी आबादी और 30 फीसदी सुविधा क्षेत्र होना चाहिए। तो इसके बाद बसी कॉलोनियों के लिए इसे बढ़ाकर 60:40 का अनुपात कर दिया गया है। जिन कॉलोनियों में सुविधा क्षेत्र कम है और पट्टे नहीं मिल रहे हैं उनको नियमन शुल्क चुकाने के बाद ही पट्टे मिलेंगे। इसमें डीएलसी रेट का 25 फीसदी नियमन शुल्क देना पड़ेगा।

पट्टे के लिए 2019 से पहले की नोटेरी ही मान्य- प्रशासन शहरों के संग अभियान में पट्टे के लिए आवेदन में 2019 से पहले की नोटेरी या विक्रय पत्र ही मान्य हाेगा। यानि 31 दिसंबर 2018 तक की नोटेरी वालों को ही पट्टे मिलेंगे।

शहर की ये कॉलोनियां कृषि भूमि पर बसी हुई हैं

संजय नगर फेज-1 से 3, पुष्पवाटिका फेज 1 से 3, गीता कॉलोनी, अजीत नगर, यदुराज नगर, कोठी गुलजार बाग, कोठी रोज विला, कोठी दलवीर सिंह, गुलाल कुंड, गौरी शंकर कॉलोनी, न्यू सिविल लाइन, बृज नगर फेज 1 कंपनी बाग कॉलोनी, बृज विहार काूलोनी, न्यू पुष्पवाटिका फेज 1, लक्ष्मी नगर कॉलोनी, गोविंद नगर, तिलक नगर, इंद्रा नगर, जसवंत नगर, गांधी नगर, केशव नगर, सुभाष नगर फेज 1 से 4, शिव नगर, अग्रसेन नगर, रेल्वे कॉलोनी, आनंद नगर फेज 1 और 2, बृज नगर, विकास नगर-संजय नगर फेज 1 और 4, बसंत बिहार, पैराडाइज काॅलाेनी, जवाहर नगर के पास चक नं.1, ईदगाह कॉलोनी(बापूनगर) चक नं. 2, एकता विहार कॉलोनी, जघीना खसरा नं. 5214, 52155 और 5216, हाउसिंग बोर्ड के पास खसरा नं. 2040-42, 2044-2046, 2027, 2028, 2029, 2030, न्यू पुष्पवाटिका फेज-2 और 6, अर्जुन नगर, विजय नगर/जसवंत नगर फेज 1 और 2, राजीव कॉलोनी, रुधिया नगर, प्रिंस नगर, शास्त्री नगर, सूरजमल नगर, केशव विहार, श्याम नगर, 75 बीघा स्कीम, कुम्हेर गेट

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