हेल्‍थ अपडेट्स:एनटी-डी इंजेक्शन नहीं लगवाने से गर्भवती महिलाओं के पेट में और जन्म देने के बाद 10% बच्चों को पीलिया

भरतपुरएक महीने पहले
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गर्भावस्था के दौरान महिला का ब्लड ग्रुप नेगेटिव है तो गर्भ (पेट) में ही बच्चे को पीलिया होने का खतरा है। - Dainik Bhaskar
गर्भावस्था के दौरान महिला का ब्लड ग्रुप नेगेटिव है तो गर्भ (पेट) में ही बच्चे को पीलिया होने का खतरा है।

गर्भावस्था के दौरान महिला का ब्लड ग्रुप नेगेटिव है तो गर्भ (पेट) में ही बच्चे को पीलिया होने का खतरा है। भरतपुर जिले में एनटी-डी इंजेक्शन नहीं लगवाने से गर्भवती महिलाओं के पेट में और जन्म देने के बाद 10% बच्चों को पीलिया होने के मामले मिले हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के एंटी-डी इंजेक्शन लगवाना जरूरी है। ये राजकीय जनाना अस्पताल में फ्री में लगता है, जबकि बाजार कीमत करीब 2500 रुपए है। वर्तमान में जनाना अस्पताल में 726 इंजेक्शन उपलब्ध हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि एक गर्भवती महिला को एंटी-डी इंजेक्शन लगवाने की जरूरत तब पड़ती है, जब मां से बच्चे का ब्लड ग्रुप मैच नहीं करता है। यदि गर्भवती महिला मां का आरएच नेगेटिव है और पुरुष पिता आरएच पॉजिटिव है तो बच्चा आरएच पॉजिटिव हो सकता है। चूंकि जन्म से पहले बच्चे का ब्लड ग्रुप पता नहीं लगाया जा सकता है, इसलिए नेगेटिव ब्लड ग्रुप वाली गर्भवती महिलाओं को एनटी-डी इंजेक्शन (वैक्सीन) लगाया जाता है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें मां का खून उसके बच्चे से अलग होता है और उसके शरीर के लिए बच्चे का खून एक बाहरी पदार्थ होता है।

इस वजह से मां के एंटीबॉडीज बनाना शुरू हो जाती है और जब यह एंटीबॉडीज बन जाती है तो इन्हें शरीर से नहीं हटाया जा सकता है। इससे बच्चे को जौंडिस (पीलिया) व एनीमिया हो सकता है। जिससे बच्चे की मौत तक हो सकती है। ये एंटीबॉडीज गर्भावस्था को प्रभावित करते हैं, लेकिन पहली गर्भावस्था पर प्रभाव नहीं पड़ता है। यदि इन एंटीबॉडीज के लिए एनटी-डी इंजेक्शन नहीं लगवाया है तो अगली गर्भावस्था में गंभीर समस्याएं होती हैं। एंटी-डी इंजेक्शन बच्चे के खून को न्यूट्रिलाइज कर देता है, जिसकी वजह से यदि बच्चे का खून मां के शरीर में जाता भी है तो इससे खून में एंटी-बॉडीज नहीं बनते हैं।

राजकीय जनाना अस्पताल में स्त्री रोग विभाग के एचओडी डा. योगेंद्र मीणा का कहना है कि यदि किसी गर्भवती महिला का ब्लड ग्रुप नेगेटिव है तो एंटी-डी इंजेक्शन लगवाना जरूरी है। कई बार बच्चे को गर्भ या पैदा होते ही पीलिया हो जाता है। यही वजह है कि जिले में 10% बच्चों को पीलिया पाया गया है और कई बच्चों की पेट में या जन्म के बाद मौत भी हुई हैं। नेगेटिव ब्लड ग्रुप वाली महिला व उसके बच्चे के लिए एंटी-डी इंजेक्शन हानिकारक नहीं होता है, इसलिए ये जरूर लगवाना चाहिए।

सरकारी या प्राइवेट किसी भी अस्पताल में महिला को फ्री लगाने की सुविधा: डॉ. साहनी
एनटी-डी इंजेक्शन राजकीय जनाना अस्पताल में 726 उपलब्ध हैं। कोई भी गर्भवती महिला, जिसका ब्लड ग्रुप नेगेटिव है वह ये इंजेक्शन डाक्टर की सलाह से जरूर लगवाएं। जिले के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिला को राजकीय जनाना अस्पताल में एंटी-डी इंजेक्शन फ्री लगाने की सुविधा है। - डाॅ. जिज्ञासा साहनी, चिकित्सा अधीक्षक, आरबीएम अस्पताल भरतपुर

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