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डिनर डिप्लोमेसी:एकीकृत सफाई व्यवस्था लागू करना बना चुनौती, पार्षद कर रहे विरोध, मेयर ने की पार्षदों को डिनर पर बुलाकर मनाने की काेशिश

भरतपुर2 महीने पहले
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  • नगर निगम की बोर्ड मीटिंग आज- कई पार्षदाें ने जताई नई व्यवस्था में भ्रष्टाचार की आशंका
  • मेयर ने दिलाया भरोसा-गड़बड़ी पर वे खुद एग्रीमेंट कैंसिल कर देंगे

नगर निगम की बुधवार दोपहर दो बजे होने वाली बोर्ड मीटिंग में मेयर अभिजीत कुमार की बड़ी परीक्षा होगी। क्योंकि उनके लिए ड्रीम प्रोजेक्ट शहर में एकीकृत सफाई व्यवस्था लागू करना चुनौती बन गया है। अब तक भाजपा पार्षद ही इसका विरोध कर रहे थे। लेकिन, मंगलवार को भरतपुर बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले हरभान सिंह समेत कई कांग्रेस पार्षद भी खुलकर सामने आ गए। इधर, मंगलवार शाम को मेयर ने एक होटल में पार्षदों को डिनर पर बुलाकर मनाने की काेशिश की।

उन्होंने कहा कि एकीकृत सफाई व्यवस्था को बतौर ट्रायल एक साल के लिए लागू होने दें। अगर इसमें कहीं भी गड़बड़ी सामने आई तो वह खुद कंपनी का एग्रीमेंट कैंसिल कर देंगे। बोर्ड मीटिंग के एजेंडे में शहर में मैन्युअल के बजाय 40 वार्डों में एकीकृत सफाई व्यवस्था का प्रस्ताव संख्या 77 है। पिछली बार 25 जून की मीटिंग में भी यह प्रस्ताव पार्षदों के विरोध के कारण मंजूर नहीं हो पाया था। बाद में ज्यादातर पार्षदों को इसलिए चंडीगढ़ ट्यूर करवाया गया कि संभवतः इस मीटिंग में सबकी सहमति मिल जाएगी।

नई सफाई व्यवस्था के नाम पर लोगों को धोखा दे रहे हैं महापौर : संघर्ष समिति
इधर, भरतपुर बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस पार्षद हरभान सिंह ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मेयर अभिजीत कुमार लोगों को धोखा दे रहे हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के लिए हठधर्मिता का रवैया अपना रखा है। करीब 10 करोड़ रुपए सालाना में हो रही सफाई की एवज में करीब 25 करोड़ रुपए सालाना खर्च करना चाहते हैं। इसका सभी दलों के पार्षद विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वाले पार्षदों के वार्डों में विकास कार्य रोक दिए हैं।

भाजपा पार्षद श्याम सुंदर गौड ने कहा कि डीपीआर में ही 100 से 200 रुपए सफाई शुल्क लेने का प्रावधान है। मेयर निगम की हर व्यवस्था निजी हाथों में देकर कमीशन लेना चाहते हैं। चंडीगढ़ दौरे की रिपोर्ट पर किसी भी पार्षद के हस्ताक्षर नहीं हैं। कांग्रेस पार्षद रेणू ने कहा कि एकीकृत सफाई व्यवस्था शहर के हित में नहीं है। एकीकृत सफाई व्यवस्था के विरोध में शहर में पंफलेटों का वितरण भी किया गया है। इसमें तुलनात्मक विवरण देते हुए नुकसान गिनाए हैं।

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