सब्सिडी नहीं मिलने और गैस के दाम बढ़ने से परेशानी:रसोई गैस साल भर में 255 रुपए महंगी, उज्जवला योजना के सिलेंडर कोने में, पारम्परिक चूल्हे पर बना रहे खाना

भुसावर2 महीने पहले
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भुसावर, परंपरागत चूल्हा पर खाना बनाते युवती। - Dainik Bhaskar
भुसावर, परंपरागत चूल्हा पर खाना बनाते युवती।

कोरोना महामारी के चलते एक तरफ रोजगार की कमी वहीं दूसरी तरफ रसोई गैस कि लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ के रख दी। पिछले एक वर्ष में रसोई गैस सिलेंडरों की कीमतो में करीब 255 रुपए की बढ़ोतरी होने एवं सब्सिडी भी बंद हो जाने से उपभोक्ताओं को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिसके चलते ग्रामीण अंचल में गैस सिलेंडर कोने में रख दिए गए है। लोग पुनः पारम्परिक सिगड़ी या लकड़ी चूल्हा पर खाना पकाने लगे है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में सितंबर माह में दो बार, फरवरी 2021 में तीन बार दाम बढ़ाए गए। इसी प्रकार अगस्त 2021 में दो बार रसोई गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ाये गए। जो सिलेंडर 1 वर्ष को पहले ₹645 का था 15 अगस्त को ₹870 हो गया। फिलहाल सितंबर में यह दाम बढ़कर लगभग ₹900 पहुंच गया। आसमान छूते दामों के कारण गरीब परिवार फिर से लकड़ी के चूल्हे जलाने को मजबूर हो गए। ग्रामीण क्षेत्र में बहुत अधिक संख्या में महिलाओं को परंपरागत चूल्हो पर काम करना पड़ रहा है। जो शायद केंद्र सरकार की मनसा और इच्छा शक्ति के अनुरूप नहीं है। सरकार द्वारा शुरू की गई उज्ज्वला योजना महंगाई के चलते गरीब के चूल्हे को रोशन करती नजर आई घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹900 से अधिक होने के बाद गरीबों ने इससे किनारा कर लिया।

ईंधन की बढ़ रही मांग और खपत
इन दिनों ग्रामीण अंचल में ईंधन की मांग बढ़ गई है। गैस के दाम बढ़ने के बाद ग्रामीण अंचल में महिलाएं अगीठीं व परंपरागत चूल्हे पर खाना बनाने लगी है। जिस से उपलो और लकड़ी की डिमांड काफी बढ़ गई है। अप्रैल 2020 में घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी अघोषित रूप से बंद कर दी गई। इस कारण उपभोक्ता बैंक और गैस एजेंसी का चक्कर लगाते नजर आए।

महिलाएं बोली उज्जवला योजना अब किस काम की
गांव खिरनी निवासी उषा देवी मीणा ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत उन्हें गैस सिलेंडर चूल्हा पाइप लाइन फ्री में दी गई। लेकिन गैस के दाम इतने महंगे कर दिए कि अब सिलेंडर भरवाना उनके बजट के बाहर हो गया। सरकार की योजनाओं से उन्हें उम्मीद थी कि शायद अब रसोई के धुंए से छुट्टी मिलेगी। लेकिन उन्हें क्या पता था सिलेंडर के अधिक दाम बढ़ने के कारण उन्हें दोबारा उन्हें धुंए का सामना करना पड़ेगा। वही कस्वा निवासी विमला देवी ने बताया कि सिलेंडर महंगा होने के कारण लंबे समय से खाली पड़ा हुआ है । जिसे अब घर के कोने में रख दिया गया है। वही खाना लोहे के चूल्हे पर लकड़ी जलाकर बनाया जा रहा है। सुबह शाम यही क्रम चलता है।

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