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जगत सिंह बने जिला प्रमुख:37 में से 28 वोट मिले जगत सिंह को, कांग्रेस की प्रत्याशी को मिले सिर्फ 9 वोट, प्रधानी पर रहा कांग्रेस का दबदबा, 12 में से 10 पंचायत समिति में बनाए प्रधान

भरतपुर18 दिन पहले
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जिला प्रमुख बनने के बाद समर्थकों ने कंधों पर उठाया जगत सिंह को। - Dainik Bhaskar
जिला प्रमुख बनने के बाद समर्थकों ने कंधों पर उठाया जगत सिंह को।

भरतपुर के नए जिला प्रमुख बीजेपी से जगत सिंह को चुना गया। जगत सिंह को 28 जिला परिषद के सदस्यों ने वोट डाला। जगत सिंह के सामने कांग्रेस की हलीमा ने जिला प्रमुख की दावेदारी की थी लेकिन हलीमा को सिर्फ 9 वोट ही मिल पाए।

कांग्रेस ने जिला परिषद के चुनावों में 14 सीटों पर अपना कब्ज़ा किया था। लेकिन जिला प्रमुख की दावेदार हलीमा के खिलाफ कुछ कांग्रेस के प्रत्याशियों ने ही क्रॉस वोटिंग की। 5 कांग्रेस के जिला परिषद सदस्यों की क्रॉस वोटिंग के कारण हलीमा तो सिर्फ 9 वोटो से ही संतुष्ट करना पड़ा। बाकी के 4 निर्दलीय और 2 बसपा ने भी जिला परिषद सदस्य की सीटों पर कब्ज़ा किया था।

जगत सिंह जिला प्रमुख की शपथ लेने के बाद कहा की आज मुझे 28 वोट मिले हैं कांग्रेस को सिर्फ 9 वोट मिले हैं इससे साफ़ होता है की भरतपुर में एक परिवर्तन की लहर चल रही है। उन्होंने कहा की जितने भी कांग्रेस के सदस्यों ने मेरे पक्ष में वोट डाला है वह सभी ख़ुशी ख़ुशी आये हैं क्योंकि सभी को पता है अगर विकास होगा तो बीजेपी ही विकास करवा सकती है इसलिए उनहोंने मेरे पक्ष में वोटिंग की है।

अब ग्रामीण इलाकों का विकास होगा क्योंकि कोंग्रेस के नेता तो सिर्फ अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं। उन्हें विकास से कोई मतलब नहीं है। लेकिन अब जिला परिषद में बीजेपी का बोर्ड बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में विकास होगा।

पहले कांग्रेस भारत सिंह गादौली को जिला प्रमुख का दावेदार बता रही थी लेकिन कल से भारत गादौली का नाम जिला प्रमुख की दौड़ से हट गया। आज जब भारत गादौली अपना वोट डालने पहुंचे तो उन्होंने कहा की में जिला प्रमुख का दावेदार था कांग्रेस के आलाकमान ने भी मुझे जिला प्रमुख का दावेदार बनाया था। लेकिन अचानक से मुझे जिला प्रमुख की दावेदारी से हटा दिया गया। सभी मंत्री और विधायक प्रधानी के चुनावों को लेकर मिले हुए हैं। मंत्री सुभाष गर्ग ने जिला प्रमुख के लिए मेरा साथ नहीं दिया वह प्रधानी के चुनावों में व्यस्त थे।

डीग पंचायत समिति

डीग पंचायत समिति से शिखा कौर निर्विरोध प्रधान चुनी गई। प्रधान पद के लिए शिखा कौर के अलावा और किसी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं भरा। जिसके बाद शिखा कौर के नाम की प्रधान पद के लिए घोषणा कर दी गई।

उच्चैन पंचायत समिति

नदबई विधायक जोगिंदर सिंह अवाना के बेटे हिमांशु अवाना उच्चैन पंचायत समिति से निर्विरोध चुने गए हैं। हिमांशु अवाना के सामने प्रधानी पद का कोई भी दावेदार सामने नहीं आया।

बयाना पंचायत समिति

बयाना से मुकेश कोली को प्रधान चुना गया मुकेश कोली बयाना पंचायत समिति के वार्ड 1 भाजपा की टिकट पर चुनाव जीते थे। लेकिन प्रधान पद के लिए इन्होंने निर्दलीय पद से दावेदारी पेश की और मुकेश कोली को प्रधान चुना गया। मुकेश कोली के सामने नत्थी सिंह चुनाव लड़े थे लेकिन मुकेश कोली ने 5 वोटो से नत्थी सिंह को हरा दिया।

कामां पंचायत समिति

कामां पंचायत समिति से विधायक जाहिदा खान की बेटी शहनाज प्रधान चुनी गई। शहनाज के सामने बीजेपी से धर्मवती ने दावेदारी की थी लेकिन 13 वोट शहनाज को मिली और 4 धर्मवती को इसके अलावा 8 सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया।

रूपवास पंचायत समिति

रूपवास पंचायत समिति में कांग्रेस की नीतू गुजर प्रधान चुनी गई। नीतू गुजर के सामने किसी भी प्रत्याशी ने प्रधानी पद के लिए नामांकन नहीं भरा जिसके बाद उन्हें निर्विरोध प्रधान चुन लिया गया। रूपवास के पंचायत समिति के वार्ड नंबर 2 से जीती थी नीतू।

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