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प्रत्येक रविवार को घरों में सूखा दिवस:अब हर रविवार को मच्छरों से निपटेगा स्वास्थ्य विभाग, कार्मिकों ने ली शपथ

भरतपुर18 दिन पहले
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भरतपुर। शपथ दिलाते हुए सीएमएचओ डॉ कप्तान सिंह। - Dainik Bhaskar
भरतपुर। शपथ दिलाते हुए सीएमएचओ डॉ कप्तान सिंह।
  • चिकित्सा विभाग भरतपुर के सूखा दिवस के नवाचार को राज्य स्तर ने भी अपनाकर प्रदेश में किया था लागू

स्वास्थ्य भवन सभागार में सीएमएचओ डाॅ. कप्तान सिंह ने मंगलवार को स्वास्थ्य भवन के सभी कार्मिकों को प्रत्येक रविवार को अपने घरों में सूखा दिवस ‘हर रविवार 30 मिनट मलेरिया, डेंगू पर वार’ मनाने की शपथ दिलवाई। सिंह ने बताया कि सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस मनाये जाने का भरतपुर चिकित्सा विभाग का ही नवाचार है।

वर्ष 2016-17 में तत्कालीन उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. रूचि सिंह ने सबसे पहले जिले में सूखा दिवस मनाए जाने का अभियान संचालित किया था, जिसके तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर भरतपुर के 50 वार्डों में 50 टीमों का गठन किया गया था। जिनके द्वारा घर-घर जाकर सूखा दिवस मनाने एवं एंटीलार्वा एक्टिविटी आयोजित की गई। टीमों के सभी कार्मिकों को आमुखीकरण प्रशिक्षण दिया गया था। बाद मेें राज्य सरकार ने इस अभियान को अपनाकर पूरे प्रदेश में लागू किया था।

सीओ आईईसी राममोहन जांगिड़ ने बताया कि चिकित्सा विभाग के कार्मिकों द्वारा घर-घर जाकर, विद्यालयों एवं आम सभाओं में जाकर विद्यार्थियों एवं आम जनता को जागरूक करते हैं कि सप्ताह में एक दिन रविवार के दिन सभी कार्मिक, बच्चे एवं घर के सदस्य अपने घरों में पानी से भरे कन्टेनरो, कूलर, फ्रीज के पीछे की ट्रे, टायर, मवेशियों के पानी पीने के खेडिय़ों आदि को पूर्णतया खाली करके उन्हें कपड़े से रगड़ कर साफ करके दो घंटे तक धूप में सुखाने के बाद फिर उनमें पानी भरें। जिससे मच्छर जनित बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू की रोकथाम की जा सके। साथ ही स्वास्थ्यकर्मी बचाव के उपाय, सावधानियां एवं सूखा दिवस के बारे में जागरूक करते हैं।

जिले में 1 लाख 9 हजार 272 घरों का सर्वे पूर्ण

उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. लक्ष्मण सिंह ने बताया कि शहरी व ब्लाक स्तर पर मौसमी बीमारियों मलेरिया, डेंगू के विशेष बचाव को लेकर एन्टीलार्वा गतिविधियां आयोजित कर रोगियों का पता लगाकर दवा वितरण की जा रही है। सर्वे के दौरान अनावश्यक टायर, बर्तन पक्षियों के परिंडे, कूलरों में भरे पानी को खाली करवाया जा रहा है। जिससे की मच्छर पनपने वाले लार्वा पैदा न हो और बीमारी न फैले। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में टीमों का गठन किया गया है, जिनके द्वारा अब तक 1 लाख 9 हजार 272 घरों का सर्वे पूर्ण कर एंटीलार्वा गतिविधियां की गई हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणों से कूलरों और टंकियों भरे पानी को खाली करें। जिससे लार्वा पैदा न हो।

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