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नालों की सफाई हुई नहीं, ड्रेनेज सिस्टम भी चॉक:बरसाती पानी के कारण 3 दिन से घरों में कैद हैं लोग, पानी में ही कर रहे पूजा

भरतपुर2 महीने पहले
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  • ग्राउंड रिपोर्ट - उन 20 कॉलोनियों में पहुंचा भास्कर जो पानी में घिरी हैं, 18 जगह मोटर-पंप लगाए

पिछले 3 दिन से हो रही लगातार बारिश के कारण शहर की करीब 20-22 कॉलोनियां बारिश के पानी से घिरी हैं। हालात इस कदर खराब हैं कि लोग बिना कोरोना और कर्फ्यू के ही घरों में कैद हैं। बुजुर्ग और बीमार लोग बाहर आ-जा नहीं पा रहे हैं। क्योंकि कई जगह तो घुटनों तक पानी भरा है। ऊपर से सांप-बिच्छुओं का डर है। कुछ जगह तो घरों तक में बरसात का पानी भर गया है।

इससे रहने-खाने तक की दिक्कत है। मेयर अभिजीत कुमार और संबंधित वार्ड पार्षद चंडीगढ़ के सैर-सपाटे पर हैं। क्योंकि उनका सपना सफाई और ड्रेनेज के मामले में भरतपुर को चंडीगढ़ बनाना है। इसलिए उन्हें दुखड़ा भी नहीं सुना सकते। हालांकि नगर निगम ने पानी की निकासी के लिए 16 जगह साधारण और 2 जगह ट्रैक्टर पंप लगाए हैं। लेकिन, अभी कोई पता नहीं है कि ये पानी कब तक निकल पाएगा। क्योंकि बारिश का दौर अभी भी जारी है।

इसलिए इन कॉलोनियों में रहने वाली 60,000 से ज्यादा की आबादी परेशान है। दैनिक भास्कर के स्ट्रिंगर अजय कुमार ने शनिवार को जसवंत नगर, गिरीश विहार, बापू नगर, विजय नगर, इंदिरा नगर, पैराडाइज कॉलोनी, किशनपुरा, बी-नारायण गेट, पुष्प वाटिका, अशोक विहार, दूरसंचार कॉलोनी और रुधिया नगर समेत कई कॉलोनियों में जाकर वहां के हालात देखे। निगम और जिला प्रशासन की लापरवाही को लेकर इन क्षेत्रों के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। पैराडाइज कॉलोनी के लोगों ने तो शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन भी किया था।

60 हजार की आबादी परेशान, सांप-बिच्छुओं के डर से बाहर नहीं निकल रहे लोग

हर साल खर्च होते हैं 30 लाख रुपए
नगर निगम बरसाती पानी की निकासी के नाम पर हर साल 30 लाख रुपए से ज्यादा राशि खर्च करता है। इसमें करीब 15 लाख रुपए बरसाती नालों की सफाई पर तो इतनी ही राशि विभिन्न कॉलोनियों, सरकारी आवासों और दफ्तरों से पानी निकासी के लिए लगने वाले मोटर-ट्रैक्टर पंप, डीजल आदि पर खर्च किए जाते हैं।

कागजों में होती है सफाई
शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए सीएफसीडी, रंजीत नगर कैनाल समेत करीब 15 प्रमुख नाले बने हैं। मानसून से पहले नगर निगम को इनकी सफाई करवानी होती है लेकिन, यह सफाई कागजों में हो जाती है।

नया ड्रेनेज सिस्टम बनने से होगा स्थाई समाधान - गोयल
कॉलोनियों में पानी की निकासी के लिए 16 जगह साधारण, 2 जगह ट्रैक्टर पंप लगाए हैं। एक जगह रविवार को पंप लगाना पड़ेगा। तिलक नगर, पुष्प वाटिका समेत जलभराव वाली कई जगहों का निगम और यूआईटी अधिकारियों ने शनिवार को निरीक्षण भी किया। इस समस्या का स्थाई समाधान तो नया ड्रेनेज सिस्टम बनने के बाद ही हो पाएगा।
- डॉ. राजेश गोयल, आयुक्त

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