तेल की सेल का बिगड़ा गणित:उत्तर प्रदेश में पेट्रोल 15 रुपये सस्ता, अब टू व्हीलर वाले भी जा रहे यूपी

भरतपुरएक महीने पहले
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भरतपुर सहित सीमा से दूसरे जिलों के पेट्रोल पंप बंद होने के कगार पर पहुंच चुके हैं। - Dainik Bhaskar
भरतपुर सहित सीमा से दूसरे जिलों के पेट्रोल पंप बंद होने के कगार पर पहुंच चुके हैं।

यूपी और राजस्थान की तेल की कीमतों भारी अंतर के चलते अब भरतपुर सहित सीमा से दूसरे जिलों के पेट्रोल पंप बंद होने के कगार पर पहुंच चुके हैं। केन्द्र सरकार द्वारा तेल की कीमतों में की गई कमी के बाद उत्तर राजस्थान की तुलना में यूपी में पेट्रोल 15.47 रुपए लीटर तक सस्ता हो गया है। इसलिए दो दिन में ही भरतपुर के पंपों की सेल में 30 प्रतिशत तक गिरावट आई है।

भैया दौज पर भी पंपाें पर इक्का-दुक्का वाहन ही पेट्रोल/डीजल डलवाते नजर आए, जबकि यूपी बॉर्डर एरिया के पंपों पर लाइन लगी थी। भरतपुर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सत्येंद्रसिंह का कहना है कि इतना भारी अंतर है कि टू व्हीलर वाले भी यूपी बॉर्डर से तेल लेने जा रहे हैं। हाल ये है कि भैया दौज जैसे त्योहार पर रुटीन बिक्री भी नहीं हुई।

इसलिए सरकार के चाहिए कि वह वैट कम करे और यूपी के बराबर रेट लेकर आए। अन्यथा भरतपुर सहित सीमावर्ती 14 जिलों के पंप बंद हो जाएंगे। शनिवार को भरतपुर में पेट्रोल 110.82 तथा डीजल 95.43 रुपए लीटर था, जो यूपी के मुकाबले पेट्रोल 15.47 और डीजल 8.58 रुपए लीटर अधिक है।

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने इसके विरोध में आंदोलन करने का निर्णय लिया है। कार्यक्रम रविवार/सोमवार को जारी होगा। ज्ञात रहे कि भरतपुर में करीब 180 पंप हैं, जिनमें से 50 से ज्यादा पंप उत्तर प्रदेश और हरियाणा सीमावर्ती क्षेत्रों में हैं। एक पंप की औसतन सेल 1200 से 1500 लीटर की सेल है, लेकिन दो दिन में करीब एक लाख 8 हजार लीटर सेल कम हुई है।

राजस्थान के 14 जिले प्रभावित, भरतपुर में 10 पंप बंद
भरतपुर, धौलपुर, अलवर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझनूं, उदयपुर, सिरोही, जालोर, बांसवाड़ा, झालावाड़, कोटा के पंपों पर बिक्री ना के बराबर है। 50 से ज्यादा पंप बंद हो गए हैं। इनमें भरतपुर में 10 पंप बंद हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में वैट सबसे अधिक पेट्रोल पर 36 और डीजल पर 28 प्रतिशत है। इसके अलावा 1.5 रुपए लीटर सेस चार्ज हैं। जबकि पड़ोसी हरियाणा व पंजाब में पेट्रोल पर 25 प्रतिशत, डीजल पर करीब 16 प्रतिशत है।

इसके अलावा दिल्ली में पेट्रोल पर 30 और डीजल पर 16.75 प्रतिशत, गुजरात में पेट्रोल व डीजल पर करीब 20-20 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में पेट्रोल पर 26.80 व डीजल पर 17.48 प्रतिशत वैट है। जबकि मध्यप्रदेश में पेट्रोल पर 33 व डीजल पर 23 प्रतिशत वैट है। एमपी में पेट्रोल पर 4.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स भी है। एसोसिएशन के पदाधिकारी मनोज शर्मा ने कहा कि सरकार को पेट्रोल/डीजल को वैट से हटाकर जीएसटी में लाना चाहिए। जिससे देश भर में एक ही रेट हो।

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