संभागीय स्तरीय संवाद कार्यक्रम:प्रद्युम्न बोले - छठे राज्य वित्त आयोग की गाइडलाइन के अनुसार संस्थाएं अपनी आय बढ़ाएं

भरतपुर2 महीने पहले
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बैठक में मौजूद छठे वित्त आयोग के पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
बैठक में मौजूद छठे वित्त आयोग के पदाधिकारी।

छठे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह ने पंचायती राज के प्रमुखों से कहा कि पंचायती राज संस्थाओं की आय में वृद्धि करने के लिए संसाधनों का पूरा उपयोग करें। वित्त आयोग के अध्यक्ष सिंह मंगलवार को पंचायती राज विभाग के संभाग स्तरीय संवाद कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में जन प्रतिनिधियों एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर आयोग की बैठक में विचार-विमर्श कर राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि वित्त आयोग की गाइडलाइन के आधार पर पंचायती राज संस्थाओं के संचालन एवं आय वृद्धि करने के संबंध में प्रधानों एवं विकास अधिकारियों को दिए गए दिशा-निर्देश की पालना सुनिश्चित की जाए। बैठक में आयोग के सदस्य लक्ष्मण सिंह रावत ने आय में बढ़ोतरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थानों के प्रभारियों से अपने निजी मितव्यतता बरत कर बचत के माध्यम से भी आय में वृद्धि करने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि मितव्यतता बरतने वाले ग्राम पंचायतों को राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाली अनुदान राशि को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। आयोग के सदस्य डाॅ. अशोक लाहोटी ने कहा कि मूलभूत आवश्यकताओं पर फोकस कर विकास कार्य कराए जाएं। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं की बैठक में वे नियम का निर्धारण कर पालना कराने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत वाहन की व्यवस्था कर सूखा एवं गीला कचरा संग्रहण कर कचरे का विक्रय कर इसके माध्यम से भी अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत माॅडल ग्राम पंचायत के रूप में स्थापित करने के लिए विकास कार्य कराए इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल स्टेडियम एवं मेला मैदान विकसित कर उनके किराए से भी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने संस्थाओं को फायर एनओसी जारी करने के पूर्व टैक्स वसूलने का सुझाव दिया इसके अतिरिक्त प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के लिए अभियान चलाकर पाॅलिथीन थैली जब्त कर जुर्माना वसूल करके भी आय में वृद्धि करें। उन्होंने कहा कि कार्यालय व्यय में मितव्यतता कर बचत करें न कि विकास कार्यों में मितव्यतता कर गुणवत्ता में कमी लाए। आयोग के सह सचिव राकेश गुप्ता ने समस्त प्रधानों एवं विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्राम पंचायत विकास कार्य योजना की प्रभावी क्रियान्वयन कर विकास कार्य कराए।

बैठक में जिला कलक्टर धौलपुर राकेश जायसवाल ने वित्त आयोग की अनुदान राशि का डबटेल करने की स्वीकृति, अन्टाइड फंड से जोड़ने, इन्फ्राएड की राशि 55 प्रतिशत बढ़ाकर 75 प्रतिशत किए जाने, 60 प्रतिशत की सीलिंग सीमा खत्म किए जाने एवं कोविड़ सहायक एवं पंचायत सहायक के मानदेय राशि स्वीकृति दिए जाने का सुझाव दिया।

जिला परिषद भरतपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने जिला परिषद की परिसम्पत्तियों का किराया निर्धारण पीडब्ल्यूडी के आधार पर करने की व्यवस्था के बजाए मार्केट के आधार पर किराये की व्यवस्था करने एवं ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों एवं पोखरों को सिंघाडा एवं मछली पालन के लिए किराए पर देकर निजी आय बढ़ाने का सुझाव दिया।

बैठक में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त शौकत अली ने ग्रामीण क्षेत्र की औद्योगिक इकाई द्वारा वाहनों की आवाजाही से क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की क्षतिपूर्ति के लिए ग्राम पंचायत को जीएसटी से अंशदान दिए जाने का सुझाव दिया। विकास अधिकारी कुम्हेर अरविन्द चौधरी ने राजीव गांधी सेवा केंद्रों पर कार्यरत चौकीदारों का मानदेय वित्त आयोग के अनुदान से दिए जाने की व्यवस्था करने, नदबई के उप प्रधान ने प्रधानों के लिए अतिरिक्त वाहन व्यवस्था एवं व्यय राशि बढ़ाई जाने के साथ ही प्रधान कोटा निर्धारित किए जाने का सुझाव दिया।

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