एक स्टेशन एक उत्पाद योजना:रेलवे भरतपुर के सरसों तेल और बयाना में दूध के लड्डू को प्रमोट करेगा; व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

भरतपुर2 महीने पहले
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बिहार, बंगाल, ओडिशा समेत देश के कई हिस्सों में लोकप्रिय भरतपुर के सरसों तेल को अब रेलवे भी प्रमोट करेगा। एक स्टेशन एक उत्पाद योजना में भरतपुर और बयाना को शामिल किया गया है। इसके तहत स्टेशनों पर ये उत्पाद बेचे जाएंगे। भरतपुर स्टेशन के सभी 4 प्लेटफार्म पर की स्टालों पर 100 ग्राम से लेकर 15 किलाे/लीटर की पैकिंग में सरसों तेल उपलब्ध रहेगा। इसके लिए नामी ब्रांड का चयन किया जाएगा।

काेटा मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति के सदस्य कृपालसिंह ने बताया कि इसी तरह बयाना में दूध के लड्डू बिक्री को प्रोत्साहित किया जाएगा। ये उत्पाद उचित रेट पर उपलब्ध रहेंगे। दरअसल, रेलवे ने सभी स्टेशनों पर उस जगह के खास उत्पादों की बिक्री के लिए स्टॉल लगवाने का फैसला किया है, ताकि स्थानीय उत्पादों को प्रमोट किया जा सके।

इससे जिस रेलवे स्टेशन पर यात्री उतरेंगे, वे वहां के खास उत्पाद के बारे में आसानी से जान सकेंगे। इससे उत्पाद का प्रचार होगा वहीं रोजगार के अवसर भी खुलेंगे। ट्रेनों से इन उत्पादों को एक से दूसरे स्थान तक भेजने की सुविधा भी मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि अलग-अलग जगहों के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने में रेलवे की भूमिका को देखते हुए केंद्रीय बजट 2022-23 में ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ योजना घोषित की गई थी। इसी साल 25 मार्च को रेलवे ने 19 स्टेशनों पर इसकी शुरुआत भी कर दी थी। अब इसे 69 अन्य स्टेशनों तक बढ़ाया गया है। रेलवे की योजना देशभर के 1000 रेलवे स्टेशनों पर इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की है।

किस स्टेशन पर कौन से उत्पाद मिलेंगे
किस स्टेशन पर कौन से उत्पाद मिलेंगे

झाळ की वजह से प्रसिद्ध है भरतपुर का तेल, बिहार, बंगाल और आसाम तक होगी है सप्लाई
कोल्हू कटर हमारे सरसों तेल को खास बनाते हैं। इसके लिए विशेष प्रकार का बैंटा तैयार किया जाता है। यह कास्ट आयरन के कोल्हू में विशेष कारीगरी के साथ लगाया जाता है। इससे एक घंटे में 24 किलो सरसों का दाना बारीकी से पिस जाता है। प्रमुख आढ़तिया भूपेंद्र गोयल बताते हैं कि इसी से सरसों तेल में झाल यानी पंजैसी अन्य तेलों के मुकाबले सबसे अधिक 32% होती है।

इसी से सरसों तेल की सुगंध, गुणवत्ता और स्वाद बढ़ता है। यही वजह है कि हमारा तेल बिहार, बंगाल, ओडिशा, झारखंड, आसाम, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश में भरतपुर तेल के नाम से बिकता है। सरसों तेल का 90% उपयोग खाने में होता है। इसके अलावा जैल, लाेशन, लुब्रीकेंट में भी काम लिया जाता है।

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