भास्कर खास:खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कमी का भरतपुर में भी असर, 3 महीने बाद सरसों के भावों में थमी तेजी

भरतपुरएक महीने पहले
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  • सरसों के भाव कम रहने से त्योहारी सीजन में तेल भी हो सकता है सस्ता

वाणिज्य मंत्रालय की ओर से खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटाने का असर भरतपुर की मंडी पर भी आया है। इससे करीब 3 महीने बाद सरसों के भाव में तेजी थम गई है। बुधवार को मंडी में सुबह सरसों के भाव ₹8111 प्रति क्विंटल बोले गए। शाम को रखे हुए सौदे ₹7950 क्विंटल के भाव में हुए। इसमें भी कोई लेवाल नहीं था। प्रमुख आढ़तिया भूपेंद्र गोयल का कहना है कि सरकार द्वारा आयात शुल्क घटाने के कारण व्यापारी और स्टॉकिस्ट अभी असमंजस में हैं। यह स्थिति अगले 1 सप्ताह तक रह सकती है। बल्कि बाजार भाव और डाउन जा सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने क्रूड पाम ऑयल पर ड्यूटी घटाकर 8.25% (पहले 24.75%), आरबीडी पामोलीन पर 19.25 (पहले 35.75), आरबीडी पाम ऑयल पर 19.25 (पहले 35.75), क्रूड सोया तेल पर 5.5 (पहले 24.75), रिफाइंड सोया तेल पर 19.5 (पहले 35.75), क्रूड सूरजमुखी तेल पर 5.5 (पहले 24.75) और रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर 19.25 (पहले 35.75) कर दी है। ब्रोकर पुनीत गोयल ने बताया कि तेलों पर 16.5 से 1.9.5 प्रतिशत तक आयात शुल्क कम हुआ है। इससे तेल में मंदी आ सकती है। क्योंकि सरकार ने पहले ही स्टॉक लिमिट लगा रखी है। क्योंकि सितंबर में बड़ी मात्रा में तेलों का आयात किया गया था।

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