पहले मोजों में मिले थे 1 लाख, अब हुआ ट्रैप:पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में ACB का छापा, घूस लेते पकड़ा गया रीजनल ऑफिसर और जूनियर इंजीनियर

भरतपुर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
जयपुर ACB टीम ने भरतपुर में मारा छापा। - Dainik Bhaskar
जयपुर ACB टीम ने भरतपुर में मारा छापा।

जयपुर ACB टीम ने शुक्रवार को भरतपुर में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड कार्यालय में ट्रैप की कार्रवाई की। रीजनल ऑफिसर एचआर कसाना और जूनियर इंजीनियर राजेश सैनी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ACB पहले भी एचआर कसाना के ऑफिस में छापा मार चुकी है। उस समय ऑफिस से 1 लाख रुपए मिले थे।

भरतपुर के रहने वाले परिवादी त्रिलोक नाथ शर्मा का ईंट के भट्टों का कारोबार है। इसके लिए उन्हें पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से दो एनओसी लेनी थी। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा एनओसी जारी नहीं की जा रही थी। इस काम के एवज में एचआर कसाना 35 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रहा था। वहीं जूनियर इंजीनियर राजेश सैनी ने दो एनओसी पास करने के लिए 10 हजार रुपए की डिमांड की थी।

आज हुआ सत्यापन

ACB के एडिशनल एसपी नरोत्तम वर्मा ने बताया की गुरुवार को परिवादी ने ACB मुख्यालय जयपुर में शिकायत दी थी। शुक्रवार के दिन शिकायत का सत्यापन करवाया गया। सत्यापन सही होने पर शाम को कार्रवाई कर दी गई। पकड़े गए आरोपियों के अन्य ठिकानों पर तलाशी ली जाएगी। फिलहाल अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

पहले भी मिल चुका है कैश

चार महीने पहले भी भरतपुर ACB ने पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के रीजनल ऑफिसर के ऑफिस में छापा मारा था। तब तलाशी के दौरान एचआर कसाना के मोजों से 1 लाख रुपए बरामद किए थे। उनकी दराज से 50 हजार रुपए मिले थे। ACB ने उन पैसे के बारे में पूछा तो एचआर कसाना ने बताया था कि वह पैसे सरसों बेचने पर मिले हैं। जब उनसे व्यापारी का नाम पूछा तो वह न तो व्यापारी का नाम बता पाए और न ही सरसों के बेचने की कोई रसीद दिखा पाए। कसाना के घर से एक ऑडी कार भी बरामद की गई थी। कार की कीमत करीब 80 लाख रुपए बताई गई थी। इस मामले में कसाना को एसीबी ने हिरासत में लेकर आय से अधिक संपत्ति मामले में पूछताछ की थी।

एसीबी की कार्रवाई : पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आरओ ने पैरों में डाल रखे थे 1 लाख रुपए, 50,000 दराज में भी मिले