पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बयान:कर्मचारियों की वेतन कटौती बर्दाश्त नहीं: शर्मा

भरतपुर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों का प्रतिमाह से दो दिवस का वेतन काटकर आर्थिक नुकसान पहुंचाने से राज्य कर्मचारियों में बहुत आक्रोश है। वेतन कटौती के विरोध में प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बुधवार को सीएम के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

इस अवसर पर महासंघ के महामंत्री राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार आर्थिक संकट का बहाना लेकर कर्मचारियों के मार्च माह का 16 दिवस का वेतन स्थगित किए हुए है तथा कर्मचारियों के वेतन से प्रति माह 1 से 2 दिन लगभग चार हजार से छह हजार कटौती कर रही है। कर्मचारियों का वेतन काट कर विधायकों का मकान किराया भत्ता 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया है।

जबकि कर्मचारियों ने स्वेच्छा से 3 से 5 दिन का वेतन कोविड-19 में राज्य कोष में जमा कराया है। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार द्वारा विधायकों व मंत्रियों को सरकारी खर्च पर विदेश यात्राएं कराने की खुली छूट दे रही है। इतना ही नहीं महामारी के समय पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ाने क बिल पास कर दिया है।

इस बढ़े हुए वित्तीय भार को राज्य कर्मचारियों व जनता पर थोपा जा रह है, जिसे राज्य कर्मचारी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। राज्य सरकार अविलंब वेतन कटौती वापस ले। महासंघ के जिलाध्यक्ष केदारनाथ शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार माह मार्च का स्थगित वेतन जारी कर वेतन कटौती बंद करे। वेतन कटौती के विरोध में 11 नवंबर को सत्याग्रह आंदोलन के तहत जेल भरो आंदोलन होगा।

खबरें और भी हैं...