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नवरात्रि में शक्ति की आराधना:सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग, हमारी 40 बेटियां अब बदमाशों से मुकाबला करने को तैयार

भरतपुरएक महीने पहले
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  • शहर में 30 बेटियां जूड़ो-कराटे में ले चुकी हैं बैल्ट, इनमें सात्विका, यशस्वी और काजल को मिली है ब्लैक बैल्ट

शास्त्रों में कहा गया है कि भयरहित और सुख शांति से रहना है तो शक्ति की आराधना करना जरूरी है। इस नवरात्र में शहर की 40 बेटियों ने सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग पूरी की है। अब ये बेटियां बदमिजाज बदमाशों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं। इनका बेल्ट कम्पीटिशन 28 अक्टूबर को होगा।

लॉकडाउन के कारण अस्त-व्यस्त हुए कराटियंस ओमकार पंचोली ने हाथरस कांड के बाद फिर से बेटियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग शुरू की। महीने भर के प्रशिक्षण में 40 बेटियां जूडो और ताइक्वांडो सीखने के बाद अपने से दोगुने बलशाली व्यक्ति को भी जमीन सुंघा सकती हैं। ये सभी बेटियां किक, पंच और जूडो थ्रो में एक्सपर्ट हैं।

कराटियंस ओंकार पंचोली ने बताते हैं कि इन बालिकाओं को जूडो थ्रो में ओगोशी, सिओई नागे, हराय गोशी, मकीकोमी, कातागुरूमा और ताईक्वांडो किक में अपचागी, डोलयो चागी, माईरयो चागी, युप चागी, होरयो चागी, द्वित चागी सिखाया गया है। इन्हें पंच में अपर पंच, लोअर पंच, मिडिल पंच, हुक पंच, बैक पंच आदि की ट्रेनिंग दी गई है। इसके साथ ही इन्हें गुड/इस ट्रेनिंग में 10 से 22 साल तक की बेटियों ने भाग लिया।

बेटियों ने आत्मविश्वास से किया मुकाबला
प्रकृति (बदला हुआ नाम) ने बताया कि पिछले दिनों मॉर्निंग वॉक से लौटते समय कई दिन से पीछा कर रहे एक लड़के ने मेरा हाथ पकड़ लिया था। उससे मैं काफी डर गई। मैंने सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग ली। आत्मविश्वास आया तो उसी लड़के ने एक दिन फिर पीछा किया तो मैंने उसे धमका दिया। अब वह दिखाई नहीं देता। अब में आत्मविश्वास से भरपूर हूं। हमलावर का मुंहतोड़ जवाब दे सकती हूं।

अनंता (बदला हुआ नाम) मैं साइकिल पर सर्कुलर रोड से ट्यूशन जा रही थी। तभी स्कूटी सवार एक लड़के ने मुझ पर कमेंट किया। जब मैंने कोई रिप्लाई नहीं दिया तो उसने स्कूटी से मेरी साइकिल में टक्कर मार दी। मैंने उसे पकड़ कर जूडो की थ्रो जोर से लगाई जिससे वह सड़क पर गिर पड़ा। मेरे इस हौंसले से राहगीरों ने भी उस लड़के को डांटा। इस घटना से मुझमें काफी आत्मविश्वास आया।

अब हमारी 30 बेटियों को मिली बेल्ट
शहर की 30 से ज्यादा बेटियों को अब तक बेल्ट मिल चुकी है। इनमें सात्विका जोशी, यशस्वी सिंघल और काजल शर्मा को ब्लैक बेल्ट और भूमि सिंह, कनिष्का सिंघल एवं ऋचा सिसोदिया को रेड वन बेल्ट मिली है। इनके अलावा करीब 24 बेटियों के पास यलो, ग्रीन, ग्रीन-वन, ब्ल्यू, ब्ल्यू वन, रेड बेल्ट भी हैं। बालिकाओं के लिए बेल्ट एग्जाम 28 अक्टूबर को होगा।

हमला होने पर बेटियां यह करें
बैड टच : जब कोई इस तरह छूने की कोशिश करे जिससे आपको बुरा लगे तो यह बैड टच है। आपके साथ गलत हरकत हो और बोले कि किसी को बताना मत, तो ये बैड टच होता है।
लाउड : अगर कोई हमला करे तो सबसे पहले तेज आवाज में शोर करके उसका विरोध करें। ट्रेनिंग में बालिकाओं को 30 डेसिबल तक तेज आवाज निकालने का अभ्यास कराया गया है।
आत्मविश्वास : ट्रेनिंग में हाथ, बाल, कमर, वाहन अथवा कपड़े पकड़ने सबक सिखाने के लिए किक, पंच और जूडो थ्रो टेक्निक सिखाई गई है।
इन्हें बनाएं हथियार : अचानक हमला होने पर जूडा पिन, पैन और हाई हील की सैंडिल को भी हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

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