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वर्चुअल इन्वेस्टमेंट समिट:केवलादेव घना के आसपास बनेंगे स्टार रेटिंग होटल, जिले में तेल मिल, एग्रो फूड, मेडिकल और पर्यटन में बढ़ेगा रोजगार

भरतपुर16 दिन पहले
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इन्वेस्टमेंट समिट वर्चुअली कार्यक्रम में माैजूद अधिकारी एवं संभागी। - Dainik Bhaskar
इन्वेस्टमेंट समिट वर्चुअली कार्यक्रम में माैजूद अधिकारी एवं संभागी।

जिले में 70 साल बाद औद्योगिक बादल बरसे हैं। रीको और उद्योग विभाग की ओर से शुक्रवार को हुई वर्चुअल इन्वेस्टमेंट समिट में 42 औद्योगिक इकाइयों ने 173.28 करोड़ रुपए के पूंजी निवेश समझौते किए। इससे विभिन्न सेक्टर में 1846 लोगों को सीधे और सैकड़ों अन्य लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। शुक्रवार को जो समझौते हुए उनमें 32 कारखानों के मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) और 10 इकाइयों के लेटर आफ इंटेंट (एलओआई) हैं।

इनमें ज्यादातर यूनिट्स नए औद्योगिक इलाकों में खुलने प्रस्तावित हैं। इससे भुसावर के नया गांव खालसा, नदबई के खटोटी और रूपवास के चैंकोरा में औद्योगिक क्षेत्र तेजी से विकसित हाेंगे। वहीं घना के आसपास में स्टार रेटिंग के हाेटल-रिसाेर्ट खुलेंगे। यहां तेल और स्टोन क्रशर उद्योग में भी बड़ा निवेश होने जा रहा है। काेराेना के कारण वर्चुअल हुई इन्वेस्टमेंट समिट में मुख्य अतिथि राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने उद्यमियों को हर संभव सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया। विशिष्ट अतिथि विधायक अमरसिंह जाटव रहे।

अध्यक्षता कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने की। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के संयुक्त निदेशक सीबी नवल ने उद्यमी हितैषी योजनाओं, रीको के एजीएम अजय गुप्ता ने प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों के संबंध में जानकारी दी। वहीं, जयपुर में 24/25 जनवरी को होने वाली इन्वेस्टमेंट समिट में भरतपुर जिले की 5 इकाइयों के उद्घाटन और 8 इकाइयों का शिलान्यास प्रस्तावित है। इनमें 56.17 करोड़ रुपए का निवेश होगा और 355 लोगों को रोजगार मिलेगा।

इससे पहले 50 के दशक में आई थीं सिमको, डालमियां जैसी कई फैक्ट्रियां
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 50-60 के दशक में भरतपुर में सिमकाे, डालमिया और जीईडब्ल्यू जैसे कई बड़े कारखाने लगे थे। लेकिन, कालांतर में इनमें से कई उद्योग बंद हो गए थे। बाद में कोई बड़ा उद्योग स्थापित नहीं हा़े पाया। अब जनवरी, 21 में हुई इंवेस्ट समिट से तेल मिल, हाेटल, एग्रो फूड, डेयरी, हाॅस्पिटल, स्कूल, एकेडमी, मिनरल्स, टूरिज्म, रियल एस्टेट, माइनिंग, मेडिकल, तेल मिल, पैकिंग एंड फूड प्राेडक्ट, एडिबल ऑयल एंड डीओसी, जार्स एंड कार्टून बाक्स, मशीन मैन्यूफेक्चरिंग, फूड एंड वेबरेज, मसाला, आटा मिल, अगरबत्ती, आटा प्लांट मैन्यूफेक्चरिंग, पैकेजिंग और प्रिटिंग क्षेत्र में रोजगार के द्वार खुलने की संभावना है।

ताल छापर जैसी बनेगी मांढेरा रूंध, नए पर्यटन सर्किट भी बनेंगे
जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने बताया कि पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए बयाना के बंध बारैठा में एडवेंचर पाॅइंट, मांढेरा रूंध को तालछपर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। भरतपुर को केंद्र में रखते हुए आगरा, मथुरा, सवाई माधोपुर, करौली समेत 4 दिवसीय पर्यटन पैकेज तैयार होंगे। भरतपुर की सुजानगंगा को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

क्षेत्र विशेष के हिसाब से बनेंगे क्लस्टर
अचार-मुरब्बे, जैम आदिः
भरतपुर के बाद सबसे बड़ा नया औद्योगिक क्षेत्र भुसावर के नया गांव खालसा में विकसित हाेगा। यहां 40.73 हैक्टेयर जमीन है। चूंकि भुसावर बागवानी के लिए मशहूर है। इसलिए यहां अचार, मुरब्बे, जैम, पैकेजिंग, एग्रो फूड, शहद आदि इकाइयों के समझौते हुए हैं।

तेल मिल, खल, शहद प्रोसेसिंगः नदबई इलाके के खालसा गांव की 17.81 हैक्टेयर जमीन में नया औद्योगिक एरिया विकसित हाेगा। इंवेस्टमेंट समिट में यहां के लिए करीब 6-7 समझौते हुए हैं। इनमें तेल मिल, पैकेजिंग, डीअओसी, शहद प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज तेजी से विकसित होने की संभावना है। सरसों बेल्ट होने से यहां तेल और उससे जुड़ा अन्य कारोबार भी होने की संभावना है।

स्टोन क्रशर, मार्बल, मूर्ति उद्योगः रूपवास के चैंकोरा में 11.31 हैक्टेयर क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवंटित है। चूंकि यह इलाका पहाड़ी गतिविधियों से घिरा है। इसलिए यहां स्टोन क्रशर, मार्बल, गिट्टी, मूर्ति बनाने की इकाइयों के समझौते हुए हैं। यहां स्टोन इंडस्ट्रीज को भी विकसित किए जाने की संभावना है।

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