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  • Stopping The Cutting Of 2940 Trees On The Mathura Govardhan Road Will Save 294 Tonnes Of Oxygen Annually, 397 People Can Breathe Throughout The Year.

सुखद खबर:मथुरा-गोवर्धन रोड पर 2940 पेड़ों की कटाई रुकने से सालाना 294 टन ऑक्सीजन बचेगी, 397 लोग पूरे साल सांस ले सकते हैं

भरतपुरएक वर्ष पहलेलेखक: योगेश शर्मा
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  • सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर लगाई रोक, पहले नुकसान का आंकलन करने को कहा था

सुप्रीम कोर्ट के मथुरा-गोवर्धन मार्ग पर 2940 पेड़ काटने की अनुमति नहीं देने से सालाना 294 टन ऑक्सीजन का सोर्स बच गया है। जिसकी बाजार कीमत 13.23 करोड़ रुपए है। इतनी ऑक्सीजन से एक व्यक्ति 397 साल तक सांस ले सकता है। डीग बार्डर तक प्रस्तावित 25.74 किलोमीटर लंबी सड़क का जब भास्कर संवाददाता ने दौरा किया तो इस दौरान 80 से 125 साल पुराने पेड़ भी मिले।

कटाई में आने वाले पेड़ों पर वन विभाग ने निशान लगा रखे हैं। गोवर्धन से 5 किलोमीटर आगे सड़क पर हमें 125 साल पुराना विशाल नीम का पेड़ मिला। पास ही रहने वाले 75 वर्षीय रामसिंह के अनुसार बचपन से इस पेड़ को देखते आ रहे हैं। यह पेड़ तब भी काफी बड़ा था।

राम सिंह के साथ बैठे 70 वर्षीय शिशुपाल उनकी बात की तस्दीक करते हुए बोले- बच्चे थे तो बड़े-बुजुर्ग इसकी उम्र 60-65 साल बताते थे। कई पेड़ों को पनपते और उखड़ते देखा लेकिन यह अपनी जगह पर सीना ताने आज भी खड़ा है।

सुप्रीम कोर्ट ने एक पेड़ की सालाना कीमत 74,500 मानी है, उसके हिसाब से इसकी कीमत 93.12 लाख रुपए बैठती है। इसी प्रकार गांठोली गांव की हथाई पर भी बरगद का बड़ा पेड़ मिला। वहीं बैठे पूर्व प्रधान हीरालाल, मुकेश दीवान और श्रीकांत शर्मा के अनुसार यह पेड़ करीब 80 साल पुराना है।

397 साल जितनी ऑक्सीजन
एक व्यक्ति सालाना 740 किलो ऑक्सीजन लेता है। पेड़ 100 किलो ऑक्सीजन देता है। यानि एक इंसान के लिए 7-8 पेड़ की जरूरत है। यानि बचाए पेड़ एक व्यक्ति की 397 साल की जरूरत की ऑक्सीजन दे रहे हैं। दूसरे नजरिए से देखें तो 397 लोगों के सालाना उपयोग जितनी ऑक्सीजन मिल रही है।

40 प्रजाति के पेड़ निशाने पर
चिन्हित किए पेड़ों में 40 प्रजाति के दरख्त शामिल हैं। इनमें कदंब, शीशम, शहतूत, अर्जुन, लिसौड़ा, पीपल, इमली, गुलमोहर, तमाल हैं। मान्यता है कि तमाल श्रीकृष्ण को प्रिय है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सड़क के बीच पेड़ होंगे तो दुर्घटनाएं भी कम होंगी
​​​​​​​ भगवान श्रीकृष्ण के नाम पर सरकार हजारों पेड़ नहीं काट सकती। बल्कि अगर सड़क के बीच में पेड़ होंगे तो वाहन धीरे चलेंगे। इससे दुर्घटनाओं पर भी लगाम लगेगी। यह पेड़ शेष जीवन में कितनी ऑक्सीजन दे सकते हैं, इसका आंकलन किया जाए।

श्रद्धालु बढ़े, इसलिए चौड़ी होगी सड़क
हर साल लाखों लोग गोवर्धन परिक्रमा के लिए आते हैं। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से इस रोड पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। इसलिए दुर्घटनाएं कम करने और यात्रियों की सुविधा के लिए 25 किमी लंबी मथुरा-गोवर्धन रोड टू लेन से फोर लेन की जानी है। इस काम के लिए चार साल पहले 138 करोड़ के टेंडर निकालकर ऑर्डर जारी किया था।

40 लाख रुपए है आंकलन की लागत
^ऐसे आंकलन विशेषज्ञ कर सकते हैं। फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) देहरादून ने इन पेड़ों का आंकलन करने में करीब 18 महीने लगने की संभावना जताई है। साथ ही इस काम का अनुमानित खर्च 40 लाख रुपए बताया है।
रघुनाथ मिश्रा, रेंजर, वन विभाग, मथुरा

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