शहर का कूड़ा मेयर के द्वार पर फेंका:हड़ताली कर्मियों ने बिजलीघर से ननि मुख्यालय तक की सफाई, 300 काम पर लौटे

भरतपुरएक महीने पहले
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भरतपुर. नगर निगम के मेयर ऑफिस के बाहर सीढ़ियों पर डाला कचरा। - Dainik Bhaskar
भरतपुर. नगर निगम के मेयर ऑफिस के बाहर सीढ़ियों पर डाला कचरा।

ठेकेदार कंपनी फिर पहुंची कोर्ट }सफाई में बाधा डालने का आरोप, अवमानना में जेल भेजने की मांग न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपए करने की मांग कर रहे हड़ताली सफाई कर्मियों ने 32वें दिन बिजलीघर से नगर निगम मुख्यालय तक बाजार में सफाई की। कूडा एकत्रित करके नगर निगम में मेयर अभिजीत कुमार के ऑफिस के बाहर सीढिय़ों पर डाल दिया। इन कर्मचारियों ने शनिवार 22 अक्टूबर को भी शहर के कुछ हिस्सों में सफाई करके कूड़ा नेताओं और अफसरों के यहां डालने का ऐलान किया है। वहीं, मेयर अभिजीत कुमार का दावा है कि 300 हड़ताली कर्मचारी शुक्रवार को काम पर लौट आए हैं। इनमें 225 सफाई कर्मी और 75 ड्राइवर हैं।

इधऱ, ठेकेदार सफाई कंपनी शुक्रवार को फिर कोर्ट पहुंच गई। कंपनी के वकील श्रीनाथ शर्मा ने बताया कि सफाई श्रमिकों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करके सफाई कार्य में व्यवधान डालने वालों को जेल भेजने की डिमांड की गई है। क्योंकि शुक्रवार को अनाह गेट के पास जब ऑटो टिपर कूड़ा उठाकर जा रहा था। तभी हड़ताली कर्मचारी बिरजू पुत्र बिहारी ने उसे रोक लिया और चाबी निकाल ली। वह ड्राइवर और कंपनी अधिकारियों से गाली गलौच और मारपीट पर आमादा हो गया। झगड़े की सूचना पर पुलिस आई तो वह और उसके अन्य साथी भाग गए।

वे ऑटो टिपर की चाबी भी ले गए। इसलिए सफाई सुचारू नहीं हो सकी। याचिका में बिरजू की संपत्ति कुर्क करने की भी मांग की है। हड़ताली कर्मियों का नेतृत्व कर रहे राघवेंद्र सिंह ने कहा कि जब तक कर्मचारियों की न्यूनतम वेतन 15 हजार रु. करने की मांग पूरी नहीं होती तब तक काम पर नहीं लौटेंगे। शनिवार 22 अक्टूबर को भी सफाई करके कचरा जिम्मेदार जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के यहां डालेंगे। आंदोलन तेज करने के लिए बाल्मीकि समाज को एकजुट करने की कवायद कर रहे हैं।

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