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  • The Bridegroom Was Stunned To See The Punishment In The Thal, The Police Officer's Father Of The Girl Has Been Dismissed For Corruption.

बेटी की शादी में 1.15 करोड़ कैश दहेज में दिए:भ्रष्टाचार में बर्खास्त थानेदार ने थाल में नोटों को सजाया, दंग रह गए बाराती

भरतपुर5 महीने पहले

भरतपुर में खुलेआम 1.15 करोड़ रुपए नगद दहेज देने का मामला सामने आया है। थाल में सजाकर रखी रकम को देखकर बारातियों के होश उड़ गए। बावजूद इसके कि दहेज लेना और देना दोनों ही अपराध है। शादी में खुलेआम इसका प्रदर्शन किया गया। वहीं, कोविड गाइडलाइन के कारण शादी में भीड़ जुटाना भी मना है, लेकिन एक बर्खास्त थानेदार ने ये सारे नियम-कानून ताक पर रखकर बेटी की शादी की। उसने अपनी बेटी को दहेज में 1 करोड़ 15 लाख 101 रुपए नकद दिए। इतना ही नहीं 1 लाख रुपए से ज्यादा कन्यादान की राशि भी उसके ससुराल वालों को सौंपी गई।

इतनी बड़ी राशि की दहेज में देने का एक वीडियो सामने आया है। इसमें एक व्यक्ति दहेज में दी रकम की घोषणा कर रहा है और एक थाली में रखी 500-500 रुपए के नोटों की गड्डियां दिख रही हैं। इतनी बड़ी रकम दहेज में देने के बाद शादी भरतपुर में चर्चा का विषय बनी हुई है।

विधायक के सामने बारातियों को भी मिले पैसे

दरअसल, उच्चैन कस्बे की तियापट्टी कॉलोनी में 23 जनवरी को बर्खास्त थानेदार अर्जुन सिंह की बेटी दिव्या कुमारी की शादी थी और करौली के कैमरी से बारात आई थी। बारात के स्वागत-सत्कार के बाद कन्या पक्ष की ओर से बारातियों को 511 रुपए और एक पगड़ी बतौर मिलनी दी गई। दूल्हा दीपक आबकारी विभाग में इंस्पेक्टर है। शादी समारोह में सरकारी रोक के बाद भी करीब 800 लोग शामिल हुए, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। वह भी तब जबकि नदबई विधायक जोगेंद्र सिंह अवाना, उच्चैन प्रधान हिमांशु अवाना, पूर्व विधायक घनश्याम महर, पूर्व विधायक बृजेंद्र सूपा के पुत्र दिनेश सूपा समेत कई प्रमुख लोग इस कार्यक्रम में मौजूद थे। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन ने वहां भीड़ जुटने दी।

एसपी ने कहा- कानूनी परीक्षण करवा रहे हैं
एडवोकेट केपी सिंह के मुताबिक दहेज निषेध अधिनियम-1961 की धारा-3 में दहेज लेना और देना कानूनी अपराध है। दहेज लेने-देने व इसमें सहयोग करने वाले को पांच साल की कैद और 15 हजार रुपए जुर्माने की सजा हो सकती है। इधर, एसपी देवेंद्र विश्नोई का कहना है कि बर्खास्त थानेदार पर कार्रवाई के लिए मामले का कानूनी परीक्षण करवा रहे हैं।

वीडियो देख कलेक्टर ने एसडीएम से मांगी रिपोर्ट
भरतपुर कलेक्टर आलोक रंजन ने कहा कि शादी के बारे में मुझे भी वीडियो के जरिए पता लगा। इस मामले में उच्चैन एसडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है। अगर शादी में कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

घूस और मारपीट के आरोप में बर्खास्त हो चुका है लड़की का पिता
अर्जुन सिंह मूलतः गढ़ी बाजना थाना इलाके के रहने वाले हैं। करीब 30 साल से वह उच्चैन कस्बे में रह रहे हैं। कस्बे में उसके 2 मकान हैं। इनमें से एक में बैंक चलती है। उनका सबसे बड़ा भाई निर्भय सिंह किसान है और दूसरे नंबर का तेज सिंह ASI पोस्ट से सेवानिवृत है। अर्जुन सिंह के हिस्से में 3 बीघा पुश्तैनी जमीन है। अर्जुन सिंह के दो लड़के भी हैं। बड़ा लड़का सचिन जयपुर से MBBS कर रहा है, जबकि दूसरा घर पर ही सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है। अर्जुन सिंह को नवंबर, 2019 में कामां की धिलावटी चौकी से पहले सस्पेंड किया गया। फिर गैर हाजिर रहने पर जनवरी 2020 में उसे बर्खास्त कर दिया गया। अर्जुन सिंह को नवंबर, 2019 को रिश्वत में 2 लाख रुपए नहीं देने पर फिरोजाबाद निवासी अनिल शर्मा से धिलावटी चौकी में मारपीट करने के आरोप में सस्पेंड किया गया था।