पेपर के लिए 2 लाख दिए, धोखा खाया:गैंग ने फर्जी पर्चा थमाया, जिसे बेचते पुलिस ने अभ्यर्थी को दबोचा

भरतपुर2 महीने पहले

भरतपुर में कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा से पहले एक अभ्यर्थी पेपर बेचने वाली गैंग के हाथों धोखा खा गया। भरतपुर निवासी अभ्यर्थी शुभम का 13 मई को कॉन्स्टेबल का पेपर था। उसे शकील गैंग ने 2 लाख में भर्ती का पर्चा बेचने की बात कही और पैसे ले लिए। लेकिन ऐन वक्त तक शुभम को पेपर नहीं मिला तो उसने एग्जाम भी नहीं दिया। बाद में शकील से पैसों का तकादा किया तो उसने शुभम को हाथ से लिखा फर्जी पेपर थाम दिया। बोला इसे दूसरों को बेच कर अपने 2 लाख की उगाही कर लो। शुभम ने बाकी बचे पेपर्स में कुछ अभ्यर्थियों से संपर्क किया और एग्जाम के बाद पैसा देने का वादा कर पेपर थमा दिया। इस बीच पुलिस को पेपर बेचे जाने की सूचना मिल गई।

कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का फर्जी पेपर शकील गैंग से खरीद कर दूसरे अभ्यर्थियों को बेचने के आरोप में पुलिस ने शुभम को गिरफ्तार कर लिया। शुभम को एक कार में चार अन्य युवकों के साथ पकड़ा गया। ऐसे में पुलिस ने सभी 5 युवकों को हिरासत में ले लिया। सभी के मोबाइल जब्त कर लिए हैं। पांचों युवकों को भरतपुर की DST टीम की सूचना पर मथुरा गेट थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक कार और 5 मोबाइल जब्त किए हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस इस मामले में शकील गिरोह का पता लगाने में जुटी है।

गाड़ी को रुकवाकर हिरासत में लिए 5 आरोपी
जिला पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह ने बताया कि DST टीम की सूचना पर मथुरा गेट थाना पुलिस ने एक कार को रुकवाकर चेक किया। जिसमें 5 युवक शुभम, गोविंद, रवि, देवेंद्र, राजासिंह बैठे हुए थे। उन्हें पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया और सभी से पूछताछ की।

पूछताछ में हुआ पेपर बेचने वाली गैंग का खुलासा
पुलिस ने जब सभी युवकों से पूछताछ की तो पता चला असल फर्जीवाड़ा शकील गैंग का है। शुभम शकील गैंग के झांसे में आ गया था। शकील गैंग में शकील के साथ देवेंद्र, लालसिंह और हेमंत नाम के युवक हैं। इस गैंग के लोग कंपिटिशन एग्जाम से पहले अभ्यर्थियों को पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देते हैं, उसने पैसे ऐंठते हैं और फर्जी पेपर थमा कर गायब हो जाते हैं। इसी गैंग के शकील ने भरतपुर के अभ्यर्थी शुभम को झांसे में ले लिया था। शुभम से 2 लाख एडवांस में ले लिए थे। बदले में 13 मई की पहली शिफ्ट का पेपर मुहैया कराने की बात हुई थी। शुभम पेपर के भरोसे बैठा रहा। 13 तारीख को उसने एग्जाम तक ड्रॉप कर दिया। बाद में उसने शुभम से अपने 2 लाख मांगे। तब शकील ने उसे 14-15 मई के पेपर्स फ्री में उपलब्ध कराने की बात कही, साथ ही ये भी कहा कि उन्हें बेचकर शुभम अपनी रकम जुटा सकता है। शुभम को उन लोगों ने हाथ से लिखा पेपर थमा दिया। शुभम ने कुछ अभ्यर्थियों को यह पेपर दे दिया। एग्जाम के बाद पैसे देने की बात भी तय हो गई। लेकिन 14-15 तारीख के एग्जाम में एक भी प्रश्न उस पेपर से नहीं आया।

आज DST टीम को सूचना मिली कि कुछ युवक फर्जी पेपर और पैसों के लेन-देन की बात कर रहे हैं तो मथुरागेट पुलिस ने पांचों कार से जाते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से मिले मोबाइलों में पेपर के नमूने और चैट मिली है।