नगर निगम की कार्यशैली को लेकर बढ़ रहा आक्रोश:निगम शहर में मुख्य सड़कों से हटवा रहा कचरा गलियों और मंदिरों में लग रहे हैं ढेर, लोग बोले- जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो

भरतपुरएक महीने पहले
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गोपालगढ़ स्थित चर्च के बाहर लगा कचरे का ढेर। - Dainik Bhaskar
गोपालगढ़ स्थित चर्च के बाहर लगा कचरे का ढेर।

एक ओर शहर की गली-गली में कचरा सड़ांध मार रहा है। दूसरी ओर नगर निगम धार्मिक स्थलों तक से कचरे का उठाव नहीं करवा पा रहा। शहर की विरासत गंगा माता मंदिर हो या गोपालगढ़ स्थित चर्च, उनके बाहर लगा कचरे का ढेर धार्मिक लोगों की भावनाओं को तो ठेस पहुंचा ही रहे हैं। दूसरे स्थानों से आने वाले लोगों में शहर की छवि को धूमिल कर रहे हैं। नगर निगम ने गंगा माता मंदिर और गोपालगढ़ स्थित चर्च के बाहर कचरा पाइंट बना रखा है।

क्षेत्र की सफाई के बाद एकत्र कचरा इन पाइंटों पर डाला जाता है। जहां से दोपहर में कचरे का उठाव किया जाता था। एक जुलाई से कचरा परिवहन करने वाले ट्रेक्टर संचालकों ने भी नई दरों के विरोध में काम का बहिष्कार कर रखा है। जिसके चलते निगम केवल मुख्य सड़कों से ही कचरे का उठाव करवा रहा है। ऐसे में धार्मिक स्थलों के बाहर भी कचरे के ढेर लगे हैं। पूजा में शुद्धता का ध्यान रखने वाले श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत हो रही हैं। ठेकाकर्मचारियों ने शाम को कंपनी के खिलाफ बैठक करी।

48 घंटे में साधारण सभा बुलाए निगम-भाजपा
इधर शहर की चरमराई सफाई व्यवस्था नेता प्रतिपक्ष रुपिंदर सिंह के नेतृत्व में भाजपा पार्षदों ने महापौर को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने 48 घंटे में साधारण सभा बुलाने की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार महापौर ने ठेका-कर्मचारियों और ट्रेक्टर संचालकों को डरा-धमका कर छोड़ दिया। महापौर द्वारा समाधान निकालने के बजाए ठेका कंपनी के प्रतिनिधि की तरह व्यवहार किया जा रहा है।

भक्तों की भावनाएं हो रहीं आहत
गंगा मंदिर भरतपुर की प्रसिद्ध विरासत है। दूसरे शहरों के लोग भी दर्शन के लिए आते हैं, वह क्या छवि लेकर जाते होंगे। भक्तों की भावनाएं भी आहत होती है। जिस दिन मंत्री आते हैं उसी दिन कचरा नहीं डलता। -सत्यदेव आर्य, व्यवसाई, गंगा मंदिर

निगम कमिश्नर से लेकर राज्यमंत्री तक सभी से दो साल से कचरा पाइंट हटाने का आग्रह कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। -राजेश गर्ग, पेंट व्यवसाई, गंगा मंदिर

आरोप... निगम नहीं कर रहा कोई प्रयास : रुपिंदर
निगम समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा। शहर की गली-गली सड़ांध मार रही है। इतना संवेदनहीन रवैया अपने के कारण हमने महापौर को दायित्व याद दिलाया है। दो दिन में सभा नहीं बुलाने पर आंदोलन चला सामाजिक संस्थाओं के साथ समाधान निकालेंगे। - रुपिंदर सिंह, नेता प्रतिपक्ष

सफाई... एक-दो दिन में समाधान हो जाएगा : महापौर
ठेका कर्मियों के बहिष्कार की वजह से पूरे शहर की तरह धार्मिक स्थलों से भी कचरा नहीं उठ पा रहा। उन्हें पहले की तुलना में ज्यादा वेतन दिया जा रहा, फिर भी आंदोलन कर रहे हैं। एक-दो दिन में समाधान हो जाएगा। सभा के लिए आयुक्त से चर्चा कर निर्णय कर अवगत कराएंगे। -अभिजीत कुमार, महापौर

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