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  • The Passenger's Child Was Spent On Milk For Two And A Half Hours In The Train, If He Was Not Found In Bharatpur, He Bought Himself In Achhnera

टीटीई की मानवता:ट्रेन में ढाई घंटे तक दूध के लिए बिलख रहा था यात्री का बच्चा, भरतपुर में नहीं मिला तो अछनेरा में खुद खरीद लाया

भरतपुर4 महीने पहले
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भरतपुर. ट्रेन में मौजूद टीटीई, बालक और उसका पिता। - Dainik Bhaskar
भरतपुर. ट्रेन में मौजूद टीटीई, बालक और उसका पिता।

कोरोनाकाल में जहां आम आदमी की मजबूरी का फायदा उठाकर उसके साथ लूट-खसोट के मामले सामने आ रहे हैं वहीं, रेलवे के टीटीई ने मानवता की मिसाल पेश की है। कोटा मंडल के टीटीई मनोज कुमार ने ड्यूटी के दौरान बांद्रा टर्मिनस से गाजीपुर सिटी जा रही ट्रेन में एक साल के बच्चे को भूख से बिलखते हुए देखा तो अछनेरा रेलवे स्टेशन के बाहर चाय की दुकान से दूध खरीद यात्री को उपलब्ध कराया। सफर के दौरान दूध नहीं मिलने से बच्चा करीब ढाई घंटे और 210 किमी तक भूख से रोता रहा।

इस नेक कार्य के लिए सीनियर डीसीएम अजय कुमार पाल ने टीटीई की सराहना की है और वाणिज्य कर्मचारियों से अपील की है कि कोविड महामारी के भीषण संकट में रेलगाड़ियों में सफर के दौरान मुसीबत में फंसे रेल यात्रियों की हर संभव मदद करते रहें। दरअसल, बांद्रा टर्मिनस से गाजीपुर सिटी में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी में द्रविण चौहान अपने परिवार के साथ मुंबई से बनारस जा रहे थे।

टीटीई मनोज कुमार ने बताया कि सवाईमाधोपुर पर ट्रेन में बच्चे के रोने की आवाज सुनकर यात्री से पूछा तो उन्होंने बताया कि दूध खत्म हो गया है। इस पर टीटीई ने सवाईमाधोपुर स्टेशन पर दूध की व्यवस्था करने का प्रयास किया, लेकिन लॉकडाउन की वजह से वहां सभी स्टॉल बंद थी। रेलवे स्टेशन के बाहर भी दुकानें बंद थी। इस दौरान जब बच्चा भूख से ज्यादा रोने लगा तो टीटीई ने ट्रेन में ही कुछ यात्रियों से दूध मांगा, लेकिन किसी के पास दूध नहीं था।

ट्रेन जब भरतपुर स्टेशन पर पहुंची तो वहां भी सभी दुकानें बंद नजर आईं। स्टेशन के बाहर भी कोई व्यवस्था नहीं हुई। इसके बाद जब ट्रेन अछनेरा पहुंची तो टीटीई ने स्टेशन से बाहर गया। यहां एक दुकान खुली मिली। दूध मांगने पर दुकानदार ने मना कर दिया। जब टीटीई ने दुकानदार को परेशानी बताई तब उसने दूध दिया। इसके बाद दूध बच्चे के माता-पिता को सौंप दिया। दूध पीने के बाद बच्चा चुप हुआ तो दंपती की आंखे भर आईं और टीटीई को धन्यवाद दिया।

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