महंगाई डायन खाए जात है:अबकी बार रसोई गैस 1000 के पार 50 रुपय बढ़े, भरतपुर में सिलेंडर अब 1009.50 रुपय का

भरतपुर18 दिन पहले
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जब फ्री का ईंधन उपलब्ध तो महंगी गैस क्यों जलाएं... सरकार सस्ती गैस उपलब्ध कराए - Dainik Bhaskar
जब फ्री का ईंधन उपलब्ध तो महंगी गैस क्यों जलाएं... सरकार सस्ती गैस उपलब्ध कराए

महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए आज अच्छी खबर नहीं है। तेल-गैस कंपनियों ने रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 50 रुपए प्रति सिलेंडर का इजाफा किया है। इसके बाद पहली बार ऐसा होगा जब भरतपुर में उपभोक्ता को गैस सिलेंडर के लिए 1009.50 रुपए देने होंगे। वहीं कामर्शियल सिलेंडर जो 13 अप्रैल 2021 को 1677 रुपए का था। वह अब 2323 रुपए का हो चुका है। लगातार बढ़ोत्तरी के बाद एक साल में घरेलू सिलेंडर करीब 190 रुपए औऱ कामर्शियल सिलेंडर 710 रुपए तक महंगा हो गया है। कंपनियों ने इस साल रसोई गैस पर दूसरी बार बढ़ोत्तरी की है। इससे पहले मार्च में 50 रुपए बढ़ाए गए थे।

भास्कर ने इस संबंध में ग्राउंड पर जाकर कुछ महिलाओं से बात की और डेटा एनालिसिस किया। इधऱ, एलपीजी डीलर्स का कहना है कि दाे साल में घरेलू गैस सिलेंडरों की रीफिलिंग (बुकिंग) करीब 20 प्रतिशत घटी है। जिले में करीब 4.10 लाख गैस कनेक्शन है, इनमें उज्जवला योजना के 2.40 लाख में से 70% सिलेंडर तो बुक ही नहीं हो रहे।

भरतपुर शहर के 6 डीलर पहले जहां रोजाना औसत 3000 सिलेंडर सप्लाई करते थे, उनकी संख्या अब 2000 ही रह गई है। इसकी वजह सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि, गर्मी के माैसम में खपत कम होना, जवाहर नगर और राजेंद्र नगर समेत कुछ कॉलोनियों में पीएनजी कनेक्शन और उज्जवला कनेक्शनाें की रीफिलिंग नहीं हाेना भी है।

असरः 20% तक कम हो गई सिलेंडरों की बुकिंग, उज्जवला योजना के 2.40 लाख में से 70% रिफिलिंग बंद, गांवों में लौट रहे लकड़ी और चूल्हे के दिन

कारण: सिलेंडर की दरों में लगातार वृद्धि,

जानिए... जयपुर से ‌‌‌‌‌‌~ 16 महंगा मिल रहा सिलेंडर
शहर - दाम
भरतपुर - 1009.50
धौलपुर - 1019.50
करौली - 1016.00
कोटा - 1020.50
सीकर - 1016.00
जयपुर - 1003.50
अजमेर - 1005.00 जोधपुर - 1020.50
नोटः सिलेंडर की दरों में अंतर का प्रमुख कारण ट्रांसपोर्टेशन खर्च है।

आंकड़ों पर एक नजर

  • 42 गैस एजेंसी जिले में हैं
  • 4.10 लाख कर रसोई गैस कनेक्शन हैं
  • 2.40 लाख कनेक्शन उज्जवला के हैं। इनमें 70% बंद हैं
  • 3000 सिलेेंडर रोजाना भऱतपुर सिटी में सप्लाई होते थे
  • 2000 सिलेंडर रोज भरतपुर सिटी में सप्लाई हो रहे हैं।

कोरोनाकाल से बंद है सब्सिडीः

  • केंद्र सरकार ने अप्रैल 2020 में लॉकडाउन के बाद से रसोईगैस पर सब्सिडी बंद कर दी थी। अप्रैल 2020 तक लोगों को रसोईगैस पर 147 रुपए की सब्सिडी मिलती थी। मई,2020 के बाद से अब तक सब्सिडी नहीं मिली है।
  • भरतपुर की रेनू अग्रवाल, प्रेमवती देवी और जघीना में तीन थोक की रहने वाली मौसम सिंह ने बताया कि गांव में जब फ्री का ईंधन उपलब्ध है तो गैस क्यों जलाएं। सरकार इसे सस्ती करे।

रसोई में ऐसे लगता रहा महंगाई का तड़का
1 अप्रैल 2021 -₹819
1 जुलाई 2021 ₹844.50
17 अगस्त 2021 ₹869.50
1 सितंबर 2021 ₹894.50
22 मार्च 2022 ₹959.50
7 मई 2022 ₹1009.50

2 दिन पहले बुकिंग कराई है, बढ़ी दर पर मिलेगी सप्लाई
जिन उपभोक्ताओं ने अपनी रीफिल बुकिंग 2 दिन पहले करवाई थी, उन्हें गैस एजेंसियों ने सिलेंडर सप्लाई ही नहीं किए। जबकि उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर पर बिल नंबर और रीफिल की राशि का मैसेज भी आ गया। कीमतें बढ़ने के बाद गैस एजेंसियां नए बिल जनरेट करके बढ़ी हुई दरों पर ही सिलेंडर सप्लाई कर रही हैं।

लकड़ी काटने और जलाने से पर्यावरण को नुकसान
महंगाई के कारण अब शहर-कस्बों में निम्न वर्ग और गांव कस्बों में ग्रामीण लोग फिर से चूल्हे की ओर लौटने लगे हैं। क्योंकि इन्हें लकड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। यही वजह है कि दिहाडी श्रमिकों समेत ऐसे लोग जिनकी मासिक आय बहुत कम है वे सिलेंडर भरवाने से बच रहे हैं। अगर रसोई गैस की दरें ऐसे ही बढ़ती रहीं तो फिर से चूल्हा फूंकना पड़ेगा। भारत सरकार को महंगाई कम करने , ईंधन, रसोई गैस पर कीमत करने के कुछ ठोस प्रयास करने चाहिए ताकि गरीबों को राहत मिल सके। -विष्णु गुप्ता, महामंत्री, जिला एलपीजी फैडरेशन

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