अंधविश्वास का मेला:बच्चों को बलाओं से बचाने के लिए सिर पर घुमवाया मुर्गा, भारी भीड़ जुटी

भरतपुरएक महीने पहले
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सिर पर मुर्गा घूमाता युवक। - Dainik Bhaskar
सिर पर मुर्गा घूमाता युवक।

शहर में एसपी कार्यालय के निकट सोमवार को आयोजित कुआं वाली जात के मेले में अजब-गजब नजारे देखने को मिले। इस मेले में आए लोग इसका आयोजन आस्था के चलते ही करते हैं, मगर कुछ लोग इसे अंधविश्वास के रूप में देखते नजर आए। यहां बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों से भूत प्रेत का साया हटवाते नजर आए। बच्चों के ऊपर से भूत-प्रेत का साया हटाने के लिए मुर्गे का इस्तेमाल किया गया। कुछ लोग मेले में मुर्गे को लेकर आते हैं, जिसे बच्चों के सिर पर घुमाकर उनके ऊपर से भूत प्रेत का साया और बीमारियां दूर रहने का दावा करते हैं।

इस अंधविश्वास के चलते यहां दूर-दूर से लोग आते हैं। मेला में आए लोगों का मानना है कि मुर्गे को बच्चे के सिर पर घुमाने से बच्चे के ऊपर से भूत प्रेत का साया हट जाता है। जिले के दूर-दूर गांव से आई महिलाएं अपने बच्चों की नजर उतरवाती नजर आई। जानकारी के मुताबिक यह मेला आषाढ़ के चार सोमवार में लगाया जाता है। 4 जुलाई को आषाढ़ का पहला सोमवार था। इस वजह से यहां मुर्गे से बच्चों की नजर उतरवाने वालों में होड़ सी मची रही।

इधर नजर उतारने वाले लोगों का कहना था कि उनके यहां पुश्तों से वे यह काम करते हैं। इसके साथ ही वहां पर एक पत्थर की मूर्ति भी थी, जिसे जगैया बाबा के रूप में माना जाता है। नजर उतारने के एवज में लोगों को बाबा की मूर्ति पर चढ़ावा चढ़ाना होता है। इसके लिए यहां सुबह 4 बजे से ही लोगों का आना शुरू हो गया था। मेले में आए लोगों ने बताया कि यह मेला कुआं वाली जात के नाम से लगाया जाता है। जिसमें बच्चों का मुंडन कराकर मुर्गे से उनकी अला-बला को दूर किया जाता है।

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