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आयात शुल्क में कमी से सरसों के भाव काबू में:तेल पर दाे रुपए टूटे, दाम 5 रुपए प्रति किलो तक हो सकते हैं कम, सरसों का भाव 113 रुपए प्रति क्विंटल घटा

भरतपुर13 दिन पहले
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  • मंडी में 8250 रुपए के भाव बिकी फसल

सरकार द्वारा क्रूड और रिफाइंड पाम ऑयल, सोया ऑयल और सनफ्लावर ऑयल के आयात बेस इंपोर्ट ड्यूटी घटा देने से सरसों के भाव काबू में आए हैं। पहले दिन ही सरसों के भावों में 113 रुपए की टूट आई है। मंडी में 8250 रुपए क्विंटल भाव रहा।

सरसों काराेबार एक्सपर्ट भूपेंद्र गोयल का कहना है कि अभी थोड़ी और गिरावट आ सकती है, क्योंकि बढे़ हुए भावों में सरसों तेल की डिमांड कमजोर है। किंतु मार्केट में सरसों कम होने के कारण भाव 8 हजार से नीचे नहीं जाएंगे। इसका असर त्योहारी सीजन में देखने को मिल सकता है। तेलों के दाम में चार से पांच रुपए प्रति किलो तक की कमी आ सकती है।

रविवार को ही दो रुपए किलाे टूट गए हैं। उल्लेखनीय है कि सरकार ने क्रूड पाम ऑयल, सोया ऑयल और सनफ्लावर ऑयल पर 2.5 प्रतिशत बेस इंपोर्ट टैक्स कम किया है। इससे पहले क्रूड पाम ऑयल पर 10, क्रूड सोया ऑयल और सनफ्लावर ऑयल पर 7.5 प्रतिशत का बेस आयात शुल्क लगता था। उल्लेखनीय है कि भारत रसोई तेलों का दुनिया में सबसे बड़ा आयातक है। यहां उनकी कीमत रिकॉर्ड हाई लेवल पर चल रही है।

देश में रसोई तेलों की दो तिहाई जरूरत आयात से पूरी हा़े पाती है। पाम ऑयल खासतौर पर इंडोनेशिया और मलेशिया से मंगाया जाता है। सोया और सनफ्लाॅवर ऑयल अर्जेंटीना, ब्राजील, उक्रेन और रूस से आता है।ऑयल ब्रोकर सुमित सरिया ने बताया कि बेस इंपोर्ट टैक्स में कटौती विपक्ष द्वारा उठाई जा रही महंगाई के हो हल्ले को देखते हुए उठाई गई है। ताकि त्योहारी सीजन में सरकार की किरकिरी नहीं हो।

बेस टैक्स घटने का फायदा कंज्यूमर तक पहुंचेगा। अब सरसों तेल का भाव थोक में 186 रुपए और खैरिज में 193-95 रुपए है। अनुमान है कि दो-तीन रुपए और टूट सकते हैं। सबसे ज्यादा असर सोया और पाम पर आएगा। सोया का भाव 145 और पाम का भाव 130 रुपए किलो के आसपास है।

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